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पहले चरण में 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान, आंकड़ों में राजद-कांग्रेस भारी, जदयू-भाजपा का जानिए हाल

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवम्बर को होना है. 121 सीटों पर फर्स्ट फेज में वोटिंग होनी है, उनमें पिछले चुनाव में किसका जोर रहा था.

पहले चरण में 121 सीटों पर 6 नवंबर को  मतदान,  आंकड़ों में राज

 Bihar News : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान होना है। इन सीटों पर सभी प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। पिछले तीन विधानसभा चुनावों के नतीजे बताते हैं कि इन क्षेत्रों में आरजेडी और बीजेपी का वर्चस्व सबसे मजबूत रहा है, जबकि जेडीयू का प्रभाव लगातार घटा है।

2020 के विधानसभा चुनाव में इन 121 सीटों में से आरजेडी ने 42 सीटों पर जीत दर्ज की थी और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। बीजेपी ने 32, जेडीयू ने 23, कांग्रेस ने 8 और वाम दलों ने 11 सीटें जीती थीं। कुल मिलाकर 74 सीटों पर आरजेडी और बीजेपी का सीधा मुकाबला देखने को मिला था।

अगर पिछले तीन चुनावों पर नजर डालें, तो आरजेडी का ग्राफ लगातार ऊपर गया है। 2010 में उसे इन क्षेत्रों में केवल 15 सीटें मिली थीं, जबकि 2015 में यह आंकड़ा 46 तक पहुंच गया। 2020 में 42 सीटों के साथ उसने अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी। दूसरी ओर, बीजेपी ने 2010 में 46 सीटें जीती थीं, जो 2015 में घटकर 20 रह गईं, लेकिन 2020 में फिर बढ़कर 32 तक पहुंचीं।

जेडीयू की स्थिति गिरावट भरी रही है — 2010 में 59 सीटों से शुरुआत कर पार्टी 2015 में 46 और 2020 में सिर्फ 23 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस की स्थिति स्थिर रही, जिसने 2015 और 2020 दोनों में 8-8 सीटें जीतीं। चुकी पिछले चुनाव में जनसुराज नहीं था इसलिए इस बार प्रशांत किशोर की पार्टी पर सबकी नजर है वह किन सीटों पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति छोडती है. 

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अब देखना दिलचस्प होगा कि 2025 के इस चुनावी रण में पहले चरण की इन 121 सीटों पर मतदाता किसे चुनते हैं — क्या आरजेडी अपना दबदबा कायम रखेगी या बीजेपी और जेडीयू की वापसी होगी। इन आंकड़ों से राजद और कांग्रेस उत्साहित है, वहीं एनडीए के लिए आंकड़ों में चुनौती दिख रही है। हालांकि भाजपा और जदयू सहित एनडीए का दावा है कि इस बार चुनाव परिणाम अलग रहेगा।