LATEST NEWS

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक के साथ तूफान की आहट!
  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

  •  credit card
  • credit card: दिवाली पर HDFC, SBI, ICICI और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर छूट,

Bihar Vidhansabha Chunav 2025: चुनावी प्रचार की गहमागहमी के बीच लालगंज में भावुक पल, मुन्ना शुक्ला की पत्नी और पूर्व विधायक अन्नू शुक्ला फूट-फूट कर रो पड़ीं, कार्यकर्ताओं ने ढांढस बंधाया

Bihar Vidhansabha Chunav 2025
मुन्ना शुक्ला की पत्नी और पूर्व विधायक अन्नू शुक्ला फूट-फूट कर रो पड़ीं- फोटो : reporter

Bihar Vidhansabha Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में प्रचार की गहमागहमी के बीच लालगंज विधानसभा क्षेत्र से एक भावुक दृश्य सामने आया है। राजद उम्मीदवार शिवानी शुक्ला की मां और बाहुबली मुन्ना शुक्ला की पत्नी, पूर्व विधायक अन्नू शुक्ला, चुनावी कार्यकर्ताओं के बीच अचानक फूट-फूट कर रो पड़ीं। इस घटनाक्रम ने थोड़ी देर के लिए माहौल को गमगीन कर दिया।

दरअसल, अन्नू शुक्ला भगवानपुर अड्डा चौक पर चुनावी कार्यालय के उद्घाटन के लिए पहुंची थीं। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने “मुन्ना शुक्ला जिंदाबाद” का नारा बुलंद किया, पूर्व विधायक अपने पति को याद कर भावुक हो गईं। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें ढांढस बंधाया, जिससे वे धीरे-धीरे शांत हुईं।

इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने “जेल का ताला टूटेगा, मुन्ना भईया छूटेगा” का नारा भी लगाया, जिससे अन्नू शुक्ला को हिम्मत मिली। इसके बाद उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपनी बेटी शिवानी शुक्ला को आगामी चुनाव में समर्थन दें।

चुनावी माहौल में नेताओं के ऐसे भावुक अंदाज सोशल मीडिया और क्षेत्रीय चर्चाओं का हिस्सा बनते जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह केवल व्यक्तिगत भावनाओं का प्रदर्शन नहीं, बल्कि चुनावी माहौल में जन भावनाओं को जोड़ने का एक तरीका भी हो सकता है।

NSIT
Nsmch

इस घटना के बाद लालगंज में चुनाव प्रचार और भी जोर पकड़ता नजर आया, लेकिन यह भी साफ है कि नेताओं के निजी संघर्ष और भावनाएँ भी चुनावी गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार