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ज्ञान संगम 2026 का द्वितीय दिवस साहित्य, संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों से रहा सराबोर

पूर्णिया के विद्या विहार आवासीय विद्यालय स्थित रमेश चंद्र मिश्रा सभागार में आयोजित तीन दिवसीय “ज्ञान संगम 2026” के द्वितीय दिवस का आयोजन 25 अप्रैल (शनिवार) को अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं साहित्यिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ।

ज्ञान संगम 2026 का द्वितीय दिवस साहित्य, संवाद और सांस्कृतिक

पूर्णिया : पूर्णिया के विद्या विहार आवासीय विद्यालय स्थित रमेश चंद्र मिश्रा सभागार में आयोजित तीन दिवसीय “ज्ञान संगम 2026” के द्वितीय दिवस का आयोजन 25 अप्रैल (शनिवार) को अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं साहित्यिक ऊर्जा के साथ सम्पन्न हुआ। सब हिमालयन रिसर्च इंस्टीट्यूट (SHRI) द्वारा आयोजित यह लिटरेरी एवं कल्चरल फेस्टिवल अपने दूसरे दिन भी साहित्य, कला और संस्कृति के विविध आयामों का सजीव मंच बना रहा।

गौरतलब है कि इस महोत्सव का शुभारंभ 24 अप्रैल को दीप प्रज्ज्वलन एवं विद्वानों के स्वागत के साथ हुआ था। द्वितीय दिवस पर भी आयोजन स्थल पर पुस्तक स्टॉल, कला प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। विद्यालय के कक्षा 8, 9, 11 एवं 12 (आर्ट्स संकाय) के विद्यार्थियों ने पूरे दिन विभिन्न सत्रों में सहभागिता करते हुए ज्ञान अर्जित किया तथा पुस्तक एवं कला प्रदर्शनियों का अवलोकन कर अपनी समझ को समृद्ध किया।

द्वितीय दिवस का प्रथम सत्र (प्रातः 10:00 से 11:30 बजे) “उप-हिमालयी क्षेत्र के जीवन संसार की कल्पना” विषय पर आधारित रहा, जिसे फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ को समर्पित किया गया। अध्यक्षता प्रो. देवेंद्र कुमार चौबे ने की। प्रो. रत्नेश्वर मिश्रा, प्रो. मनींद्र नाथ ठाकुर, श्री प्रेमकुमार मणि एवं श्री पुष्यमित्र ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

द्वितीय सत्र (11:45 से 01:15 बजे) “हमारे समय की कविताएँ” विषय पर केन्द्रित रहा, जो जनार्दन प्रसाद झा ‘द्विज’ को समर्पित था। अध्यक्षता प्रो. मनींद्र नाथ ठाकुर ने की। इस सत्र में  प्रो. देवेंद्र कुमार चौबे, प्रो. सविता सिंह, श्री मृत्युंजय कुमार सिंह, डॉ. कुमार वरुण एवं श्री केतन यादव ने समकालीन कविता पर विचार साझा किए।

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तृतीय सत्र (02:15 से 03:45 बजे) “कहानी और हमारा जीवन” विषय पर आयोजित हुआ, जिसे लिली राय को समर्पित किया गया। अध्यक्षता डॉ. के. श्रीनिवास राव ने की। इस सत्र में प्रो. देवेंद्र कुमार चौबे, श्री प्रेम कुमार मणि,श्री संतोष सिंह, श्री अमल कुमार झा एवं रहबान अली राकेश ने अपने विचार रखे।

चतुर्थ सत्र (04:00 से 05:30 बजे) संवाद सत्र के रूप में आयोजित हुआ, जो लक्ष्मी नारायण सिंह ‘सुधांशु’ को समर्पित था। अध्यक्षता श्री प्रेमकुमार मणि ने की। इस सत्र में प्रो. सविता सिंह, श्री मृत्युंजय कुमार सिंह एवं प्रो. मनींद्र नाथ ठाकुर ने अपने विचार व्यक्त किए। 

दिवस का अंतिम एवं अत्यंत आकर्षक पंचम सत्र (05:30 से 07:00 बजे) कवि सम्मेलन / कविता पाठ के रूप में आयोजित किया गया, जिसे रवीन्द्र नाथ ठाकुर को समर्पित किया गया। अध्यक्षता प्रो. सविता सिंह ने की। इस सत्र में श्री महेश विद्रोही, श्री सुनील समदर्शी, श्रीमती मंजुला उपाध्याय मंजु, डॉ. एम.डी. मुजाहिद हुसैन, डॉ. उषा शरण, श्री गिरिजा नंद मिश्रा, श्री रंजीत तिवारी, श्री गोविंद प्रसाद, श्री संतोष सिंह ,स्नेहा किरण, डॉ. प्रेरणा, डॉ. अंकिता, श्री विवेक राय, दिव्या त्रिवेदी, मोहम्मद एनायतुल्लाह, श्रीमती विजया रानी, श्री संजय सनातन एवं रानी सिंह ,केतन यादव , देवेंद्र कुमार चौबे, नीतू बाबू , पूजा कुमारी इत्यादि ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।

कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. रमन जी SHRI के सहायक निदेशक द्वारा किया गया, जिससे सभी सत्र सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बने रहे। इस आयोजन में वीवीआईटी के एनएसएस स्वयंसेवकों ने श्री राहुल जी (एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी) के नेतृत्व में सराहनीय भूमिका निभाई। उन्होंने आगंतुकों के मार्गदर्शन, अनुशासन बनाए रखने, सत्रों के संचालन में सहयोग तथा समूचे कार्यक्रम को सुचारु रूप से सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आयोजन स्थल पर लगे पुस्तक स्टॉल इस महोत्सव के प्रमुख आकर्षण रहे, जिनमें राजकमल प्रकाशन, सेतु प्रकाशन, प्रगतिशील प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, रचनाकार, प्रखर गूंज प्रकाशन एवं अद्वैत प्रकाशन के स्टॉल शामिल रहे। इसके अतिरिक्त कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियों में मणिपुरी बैम्बू आर्किटेक्चर आर्ट वर्क, गुल्लू गैलरी की टिंकी कुमारी की चित्रकला प्रदर्शनी, किलकारी बाल भवन की चित्रकला प्रदर्शनी, टेक्सटाइल कला, लिप्पन पेंटिंग, किलकारी पत्रिका एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी तथा वीवीआईटी की चित्रकला प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण रहीं।

इस भव्य आयोजन में व्यक्तिगत डोनर के रूप में गुलाब नारायण झा एवं प्रशांत कुमार झा (डालू स्मृति न्यास) का योगदान सराहनीय रहा। वहीं इवेंट पार्टनर के रूप में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, वीवीआईटी, वीवीआरएस, कैरियर प्लस, पावरग्रिड, INTACH, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक तथा जनमन फाउंडेशन का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

पूर्णिया सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, साहित्यप्रेमी, विभिन्न कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं, प्राध्यापक एवं शिक्षाविद इस आयोजन में शामिल हुए। सभी ने पूरे उत्साह के साथ ज्ञान संगम के विभिन्न सत्रों में सहभागिता की तथा साहित्य, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। यह महोत्सव बौद्धिक संवाद और रचनात्मक आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच बनकर उभरा, जिसने सभी आगंतुकों को गहराई से प्रभावित किया।

द्वितीय दिवस का यह आयोजन साहित्य, कला, संवाद और सृजनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा, जिसने सभी प्रतिभागियों एवं श्रोताओं के मन पर गहरी छाप छोड़ी। कार्यक्रम के समापन पर विद्या विहार आवासीय विद्यालय के सचिव एवं वीवीआईटी के अध्यक्ष श्री राजेश चंद्र मिश्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, सहभागियों, सहयोगी संस्थाओं एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया।