सम्राट सरकार की बड़ी पहल : अब घर के पास ही विद्यार्थियों को मिलेगी प्लस टू तक की शिक्षा

सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 (2025–30) के अंतर्गत "उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य" की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। सरस्वती विद्या निकेतन इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Samrat Choudhary
Samrat Choudhary - फोटो : news4nation

 Bihar Education News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की है। राज्य सरकार विद्यार्थियों को घर के पास ही प्लस टू तक की बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध कराएगी। अब उन्हें अच्छी शिक्षा पाने के लिए किसी सुदूर स्थान नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही विद्यार्थियों को इन्हीं मॉडल विद्यालयों में नीट और जेईई की भी तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार सभी प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से मॉडल स्कूल की शुरुआत कर दी है।


"उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य" 

सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 (2025–30) के अंतर्गत "उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य" की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। सरकार की यह प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें, सरस्वती विद्या निकेतन इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।    

Diarch GO


बिहार सरकार की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के पूर्णतः अनुरूप है। इसके तहत राज्य सरकार के स्तर से बिहार के सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखण्ड में अवस्थित एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मिलाकर कुल 544 विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित किया गया है। इसके अतिरिक्त पूर्व से संचालित 155 राजकीय एवं राजकीयकृत विद्यालयों को भी इसी योजना के अंतर्गत उन्नत किया जाएगा, जो राज्य की शिक्षा प्रणाली में एक नई क्रांति का सूत्रपात करेगा। 


सरस्वती विद्या निकेतन योजना न केवल विद्यालयों के भौतिक उन्नयन की बात करती है, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता, डिजिटल एकीकरण एवं कौशल विकास को भी उतनी ही प्राथमिकता देती है। शिक्षा  विभाग मुख्यमंत्री  सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार को देश का शिक्षा मॉडल राज्य बनाने की ओर राज्य सरकार निरंतर अग्रसर है।

NSIT
Nsmch


राज्य में मॉडल स्कूल बनाने का उद्देश्य

आदर्श विद्यालय का उद्देश्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान करना है, ताकि राज्य में एक ऐसा सार्वजनिक विद्यालय विकसित किया जा सके, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता का मानक राज्य के साथ-साथ देश में स्थापित कर सके।


इन मॉडल स्कूलों में बेहतर शिक्षण के लिए विज्ञान प्रयोगशाला, आईसीटी लैब, पुस्तकालय, डिजिटल स्क्रीन सहित स्मार्ट कक्षा, कोचिंग की व्यवस्था, साप्ताहिक परीक्षण द्वारा प्रगति की सतत् निगरानी, इच्छुक और जरूरतमंद छात्रों के लिए रिमेडियल कक्षाएं आदि की व्यवस्था की जायेगी।