LATEST NEWS

  • ED Summons Six Bihar IAS Officers
  • Bihar IAS Officers: रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में ED की कार्रवाई तेज, छह IAS अधिकारियों को समन,

  • Bihar MLC Election:  अनंत सिंह को बड़ा झटका, आवास पर पसरा रहा सन्नाटा, समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह तीसरे नंबर पर
  • Bihar MLC Election: अनंत सिंह को बड़ा झटका, आवास पर पसरा रहा सन्नाटा, समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह

  • Bihar Weather
  • Bihar Weather: बिहार में चक्रवाती तूफान अर्णब का कहर! 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 50 KM

  • Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव  के चार सीटों पर नतीजे , कांग्रेस का खाता नहीं खुला, स्नातक सीट नीरज आगे
  • Bihar MLC Election: बिहार एमएलसी चुनाव के चार सीटों पर नतीजे , कांग्रेस का खाता नहीं खुला,

  • Bihar MLC election
  • Bihar MLC election: पटना में नीरज कुमार की निर्णायक बढ़त, तिरहुत में बंसीधर ब्रजवासी ने JDU को चौंकाया,

मोतिहारी में अपराधियों को बचाने का खेल, जन्मतिथि बदलकर बालिग को नाबालिग बनाने का सिंडिकेट बेनकाब, प्रधानाध्यापक पर FIR

Bihar Crime: कुछ स्कूल प्रधानाध्यापकों की मिलीभगत से बालिग अपराधियों को रिकॉर्ड में नाबालिग दिखाने का सिंडिकेट चल रहा है।

Motihari Fake Age Scam School Headmaster Booked For Fraud
जन्मतिथि बदलकर बालिग को नाबालिग बनाने का सिंडिकेट बेनकाब- फोटो : reporter

Bihar Crime: मोतिहारी  जिले में अपराधियों को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए उम्र में हेरफेर करने का कथित खेल सामने आया है। आरोप है कि कुछ स्कूल प्रधानाध्यापकों की मिलीभगत से बालिग अपराधियों को रिकॉर्ड में नाबालिग दिखाने का सिंडिकेट चल रहा है। एक साल के भीतर ऐसे कई मामलों के खुलासे के बाद किशोर न्याय परिषद ने कार्रवाई तेज कर दी है।

ताजा मामला मोतिहारी के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए स्कूल रिकॉर्ड में जन्मतिथि बदलने का मामला सामने आया है। किशोर न्याय परिषद के निर्देश पर परिषद के बेंच क्लर्क ने नगर थाना में संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।मामला उस समय सामने आया जब किशोर न्याय परिषद में आरोपी अखिलेश कुमार की उम्र जांच की प्रक्रिया चल रही थी। उम्र साबित करने के लिए आरोपी पक्ष की ओर से राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बैरिया का स्थानांतरण प्रमाण पत्र पेश किया गया था। इसके साथ आरोपी के पिता की ओर से शपथ पत्र भी दाखिल किया गया था।सुनवाई के दौरान विद्यालय के वर्तमान प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार न्यायालय में उपस्थित हुए और अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि अखिलेश कुमार का नामांकन उनके विद्यालय में 14 सितंबर 2011 को कक्षा तीन में हुआ था। स्कूल नामांकन पंजी में उसकी जन्मतिथि 12 अप्रैल 2003 दर्ज थी।

लेकिन जब न्यायालय में प्रस्तुत स्थानांतरण प्रमाण पत्र की जांच की गई तो उसमें जन्मतिथि में बड़ा अंतर सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार, जन्मतिथि 2003 की जगह बदलकर 2008 दर्शाई गई थी। यानी दस्तावेज में करीब पांच साल का अंतर पाया गया, जिससे आरोपी को नाबालिग दिखाने की कोशिश का संदेह पैदा हुआ।किशोर न्याय परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बेंच क्लर्क नरेंद्र सिंह ने नगर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जन्मतिथि में बदलाव कैसे किया गया और इस फर्जीवाड़े में कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच का दायरा स्कूल रिकॉर्ड से लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक बढ़ाया जा रहा है।बताया जा रहा है कि पिछले एक वर्ष में ऐसे तीन से चार मामलों का खुलासा हो चुका है, जिसमें स्कूल रिकॉर्ड में हेरफेर कर उम्र बदलने की कोशिश की गई। किशोर न्याय परिषद की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस दोनों की निगाहें ऐसे मामलों पर टिक गई हैं।अब सवाल उठ रहा है कि जिन शिक्षकों पर बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है, अगर वही कानून से बचाने के लिए रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करेंगे तो व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। पुलिस का दावा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

NSIT
Nsmch

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार