Bihar School News: मिड-डे मील पर महाभारत, स्कूल में 5 दिन से पसरा सन्नाटा, अभिभावको में भोजन की गुणवत्ता को लेकर आक्रोश

Bihar School News: बिहार में इन दिनों पढ़ाई नहीं, बल्कि मिड-डे मील पर घमासान चर्चा का विषय बना हुआ है। हालत यह है कि पिछले पांच दिनों से विद्यालय लगभग सूना पड़ा है।...

Mid Day Meal Row Shuts School for 5 Days Parents Angry
मिड-डे मील पर महाभारत- फोटो : reporter

Bihar School News: बिहार में इन दिनों पढ़ाई नहीं, बल्कि मिड-डे मील पर घमासान चर्चा का विषय बना हुआ है। हालत यह है कि पिछले पांच दिनों से विद्यालय लगभग सूना पड़ा है। 152 नामांकित छात्र-छात्राओं वाले इस स्कूल में अब महज तीन छात्राएं ही पढ़ने पहुंच रही हैं। 

कटिहार के डंडखोरा प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय सिहला के ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में मिलने वाले मध्यान भोजन में भारी अनियमितता बरती जा रही है। उनका कहना है कि बच्चों को कम मात्रा में खाना दिया जाता है और कई बार भोजन की गुणवत्ता भी संदिग्ध रहती है। कुछ अभिभावकों ने तो यहां तक आरोप लगाया कि बच्चों को ‘झूठा’ या बचा हुआ भोजन परोसा गया, जिससे आक्रोश भड़क उठा। इसी के बाद ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लेकर अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया।

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गांव में इस मुद्दे को लेकर पंचायत जैसी स्थिति बन गई है। अभिभावकों का साफ कहना है कि जब तक व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक बच्चे विद्यालय नहीं जाएंगे।

वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मिड-डे मील पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार तैयार कराया जाता है। उन्होंने कुछ ग्रामीणों पर ही संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि व्यक्तिगत रंजिश और दबाव बनाने के उद्देश्य से बेबुनियाद बातें फैलाई जा रही हैं।

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प्रधानाध्यापिका का दावा है कि विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या 152 है और भोजन की आपूर्ति भी उसी अनुपात में होती है। उनका कहना है कि कुछ लोग स्कूल की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

स्कूल में पसरे सन्नाटे ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चे पढ़ाई से दूर हैं, तो दूसरी ओर मध्यान भोजन योजना की निगरानी पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। प्रशासनिक हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है।

अब देखना होगा कि जांच के बाद हकीकत किसके पक्ष में सामने आती है ग्रामीणों के आरोप सही साबित होते हैं या प्रधानाध्यापिका की सफाई। फिलहाल, सिहला विद्यालय में शिक्षा से ज्यादा ‘भोजन विवाद’ की चर्चा गर्म है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह