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CBSE बोर्ड छात्रों के लिए बड़ी चेतावनी: प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल हुए तो थ्योरी में पास होकर भी माने जाएंगे 'फेल'; री-एसेसमेंट का नियम बदला!

CBSE ने स्पष्ट किया है कि आगामी बोर्ड रिजल्ट के बाद छात्र केवल थ्योरी (लिखित) पेपर के लिए ही पुनर्मूल्यांकन (Re-assessment) का आवेदन कर सकेंगे, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षा के अंकों में किसी भी प्रकार का बदलाव या दोबारा जांच संभव नहीं होगी

CBSE बोर्ड छात्रों के लिए बड़ी चेतावनी: प्रैक्टिकल परीक्षा म

Patna - : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के बीच छात्रों के लिए एक बड़ा अपडेट साझा किया है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि छात्र केवल लिखित (थ्योरी) परीक्षा के अंकों के लिए ही पुनर्मूल्यांकन (Re-assessment) के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रैक्टिकल परीक्षा के अंकों में किसी भी तरह के बदलाव या दोबारा जांच की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

प्रैक्टिकल मार्क्स पर बोर्ड का सख्त रुख

बोर्ड के नए स्पष्टीकरण के अनुसार, छात्रों को यह समझना होगा कि प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए पुनर्मूल्यांकन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यदि किसी छात्र को लगता है कि उसके प्रैक्टिकल में अंक कम हैं, तो वह थ्योरी की तरह इसके री-एसेसमेंट की मांग नहीं कर सकता। यह नियम 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के लिए समान रूप से लागू होगा।

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थ्योरी और प्रैक्टिकल: दोनों में पास होना अनिवार्य


सीबीएसई ने पासिंग क्राइटेरिया को लेकर एक बार फिर स्थिति साफ की है। बोर्ड के नियमों के मुताबिक छात्र को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों ही परीक्षाओं में अलग-अलग न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र थ्योरी में बहुत अच्छे अंक लाता है लेकिन प्रैक्टिकल में फेल हो जाता है, तो उसे उस विषय में अनुत्तीर्ण (Fail) ही घोषित किया जाएगा। 

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मई में रिजल्ट के बाद खुलेगा री-एसेसमेंट का पोर्टल

सीबीएसई 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आमतौर पर मई महीने में जारी किया जाता है। रिजल्ट घोषित होने के बाद जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें थ्योरी पेपर के लिए पुनर्मूल्यांकन का मौका दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों को निर्धारित शुल्क के साथ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

क्या है नया 'री-एसेसमेंट' नियम?

संयम भारद्वाज की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया केवल लिखित परीक्षा तक सीमित है। इसमें उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच, अंकों की गणना और किसी प्रश्न के छूट जाने जैसी विसंगतियों को सुधारा जाता है। लेकिन प्रैक्टिकल, जो कि स्कूलों के आंतरिक मूल्यांकन और बाहरी परीक्षकों की निगरानी में होते हैं, उन्हें इस दायरे से बाहर रखा गया है।

परीक्षा का प्रकाररी-एसेसमेंट की सुविधाअनिवार्य पासिंग मार्क्स
थ्योरी (लिखित)उपलब्ध हैहाँ (अलग से)
प्रैक्टिकल (प्रायोगिक)उपलब्ध नहीं हैहाँ (अलग से)
कुल परिणामथ्योरी री-एसेसमेंट संभवदोनों में पास होना ज़रूरी