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बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसरों की बंपर बहाली, 9500 से अधिक पदों पर होगी नियुक्ति, इस दिन से होगा आवेदन

बिहार में पिछले कई वर्षों से विश्वविद्यालयों और अंगीभूत डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं। अब राज्य के 211 डिग्री कॉलेजों में 2,532 नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी

 Bihar Assistant Professors Hiring
Bihar Assistant Professors Hiring - फोटो : news4nation

Bihar Education News : बिहार में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और वर्षों से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) राज्य के डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति करने जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश कुमार चौधरी ने बताया कि नियमित भर्ती प्रक्रिया सितंबर 2026 से शुरू होगी। इसके तहत राज्य के 211 डिग्री कॉलेजों में 2,532 नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि विभिन्न विश्वविद्यालयों में भी करीब 7,000 पदों पर भर्ती की तैयारी अंतिम चरण में है।

आयोग के अनुसार, राज्य सरकार ने सभी रिक्त पदों का रोस्टर तैयार कर आयोग को उपलब्ध करा दिया है। अब भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लंबे समय से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। नई नियुक्तियों के बाद इस समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

छह विषयों में दोबारा निकलेगी भर्ती

बीएसयूएससी ने बताया कि पहले निकाली गई भर्तियों में कुछ विषयों के सभी पद नहीं भर पाए थे। ऐसे छह विषयों में एक बार फिर से विज्ञापन जारी किया जाएगा, ताकि रिक्त पदों को पूरी तरह भरा जा सके। आयोग का कहना है कि इस बार भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।

लिखित परीक्षा से होगा चयन

आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा देनी होगी। इसके बाद इंटरव्यू और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। भर्ती पूरी तरह मेरिट आधारित होगी और इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। आयोग जल्द ही विषयवार रिक्तियों, आवेदन तिथि, परीक्षा पैटर्न और पात्रता संबंधी विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा।

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10 अगस्त से पढ़ाना शुरू करेंगे संविदा शिक्षक

नियमित भर्ती पूरी होने में समय लगने के कारण सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के तहत संविदा असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति भी लगभग पूरी कर ली है। चयनित संविदा शिक्षक 10 अगस्त से राज्य के विभिन्न डिग्री कॉलेजों में योगदान देकर शिक्षण कार्य शुरू करेंगे। इससे जिन विषयों में शिक्षकों की कमी है, वहां छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आधार

बिहार में पिछले कई वर्षों से विश्वविद्यालयों और अंगीभूत डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त हैं। इसका असर शैक्षणिक सत्र, शोध कार्य और नियमित कक्षाओं पर पड़ रहा था। नई भर्ती के बाद कॉलेजों में शिक्षकों का अनुपात सुधरेगा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

करीब 9,500 से अधिक पदों पर प्रस्तावित भर्ती को बिहार के शिक्षित युवाओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर लगातार नजर रखें। आयोग जल्द ही ऑनलाइन आवेदन, विषयवार रिक्तियां, योग्यता, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य दिशा-निर्देश जारी करेगा। उच्च शिक्षा क्षेत्र में यह बिहार की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक मानी जा रही है।