Bihar teacher News: शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, मदरसा और संस्कृत बोर्ड में बहाली पर ब्रेक, नई बहाली पर इस कारण लगी रोक

Bihar teacher News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए शिक्षा विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है।

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नई बहाली पर इस कारण लगी रोक- फोटो : social Media

Bihar teacher News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए शिक्षा विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सोमवार को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था, नियुक्ति प्रक्रिया और विद्यालयी आधारभूत संरचना पर पड़ने वाला है।

बैठक में सबसे बड़ा फैसला मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा बोर्ड में होने वाली नियुक्तियों को लेकर लिया गया। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियुक्तियों से जुड़े मामलों की जांच पूरी होने तक दोनों बोर्डों में नई बहाली पर रोक जारी रहेगी। विभाग का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पक्षपात या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।शिक्षा विभाग के इस फैसले को नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का संदेश साफ है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी स्तर पर बहाली प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

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समीक्षा बैठक में बिहार राज्य शैक्षिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के तहत चल रही निर्माण योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय भवनों, अतिरिक्त कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और अन्य शैक्षणिक संरचनाओं के निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा समय पर कार्य पूरा कराया जाए।

मंत्री ने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कहीं भी मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि बेहतर शिक्षा के लिए मजबूत और सुरक्षित आधारभूत संरचना पहली आवश्यकता है।बैठक में मध्याह्न भोजन (मिड-डे-मील) योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और योजना के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया गया। 

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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के उपयोग, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सरकार की कोशिश है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था केवल नामांकन तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और बेहतर संसाधनों के आधार पर नई पहचान स्थापित करे।इस समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षा विभाग अब लापरवाही, अनियमितता और कमजोर गुणवत्ता पर सख्त रुख अपनाने के मूड में है तथा आने वाले दिनों में कई और अहम फैसले सामने आ सकते हैं।