Bihar Education News: बिहार में पुरानी पढ़ाई OUT,स्मार्ट लर्निंग IN,अब गेम खेलकर ऐसे होगी पढ़ाई!

Bihar Education News: अब किताबों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी भी बच्चों की शिक्षा का अहम हिस्सा बनेगी, ताकि आने वाला दौर मुकाबले का नहीं, बल्कि काबिलियत का हो।...

Bihar goes smart Old learning out
बिहार में शुरू हुआ शिक्षा में नया एक्सपेरिमेंट- फोटो : social Media

Bihar Education News:बिहार की सियासत अब शिक्षा के मैदान में भी नया रंग भरती नजर आ रही है। डिजिटल दौर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की आहट के बीच, शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने साफ लफ्जों में कहा कि अब किताबों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी भी बच्चों की शिक्षा का अहम हिस्सा बनेगी, ताकि आने वाला दौर मुकाबले का नहीं, बल्कि काबिलियत का हो।

मदन मोहन सभागार में आयोजित एक अहम समारोह में शिक्षा विभाग और शैक्षणिक नवाचार संस्था एक्स्ट्रा-सी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत हुए। यह समझौता महज एक कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि शिक्षा में नवाचार की एक नई इबारत लिखने की कोशिश मानी जा रही है। इस पहल के तहत सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को क्रॉसवर्ड आधारित लर्निंग से जोड़ा जाएगा, जो बच्चों की सोचने-समझने की ताकत को नया आयाम देगा।

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मंत्री ने ऐलान किया कि इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विभाग एक नोडल पदाधिकारी की तैनाती करेगा। करीब 7 लाख 60 हजार विद्यालयों वाले इस विशाल तंत्र में खास तौर पर बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए इस पहल को जमीन पर उतारने की रणनीति बनाई गई है। शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे पारंपरिक पढ़ाई के साथ इस नए तरीके को कक्षा में बखूबी शामिल कर सकें।

अपर मुख्य सचिव  डॉ बी राजेंद्र ने भी इस पहल को बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक क्रातिकारी कदम बताया। वहीं एक्स्ट्रा-सी के प्रमुख अमिताभ रंजन के मुताबिक, यह कार्यक्रम पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर सीबीएसई और एआईसीटीई जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर चलाया जा रहा है, जिसका मकसद छात्रों की शब्दावली, तार्किक क्षमता और समस्या सुलझाने की ताकत को मजबूत करना है।

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साफ है, बिहार में अब शिक्षा सिर्फ रटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सोचने और समझने की नई रवायत को जन्म देगी। सियासत ने इस बार किताबों में दिमागी खेल जोड़कर शिक्षा को ज्यादा दिलचस्प और असरदार बनाने का दांव चला है।