LATEST NEWS

  • Bihar News : भागलपुर-मुंगेर के बीच तीसरी रेल लाइन की तैयारी तेज, 60 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण, DM ने किया स्थल का निरीक्षण
  • Bihar News : भागलपुर-मुंगेर के बीच तीसरी रेल लाइन की तैयारी तेज, 60 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण,

  • Gunja Kumari Death Case Muzaffarpur
  • Bihar Crime: मुजफ्फरपुर में प्रेम विवाह का खौफनाक अंत! गुंजा की मौत के बाद भड़के मायके वाले, दरवाजे

  • Bihar News : 'हमारे पूर्वज दफन हैं, मजार टूटने नहीं देंगे', दरभंगा में गरजे सांसद पप्पू यादव, सरकार पर साधा निशाना
  • Bihar News : 'हमारे पूर्वज दफन हैं, मजार टूटने नहीं देंगे', दरभंगा में गरजे सांसद पप्पू यादव, सरकार

  • Sudhakar Singh vs IPS Kundan Krishnan Defamation Notice
  • Bihar Politics:आरजेडी सांसद को माफी मांगने और 5 करोड़ हर्जाने की मांग को लेकर आईपीएस कुंदन कृष्णन ने

  • Bihar News : पटना स्थित IGIMS पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री वशिष्ठ नारायण सिंह और विधानसभा उपाध्यक्ष का जाना हालचाल
  • Bihar News : पटना स्थित IGIMS पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री वशिष्ठ नारायण सिंह और विधानसभा उपाध्यक्ष

Bihar Education News: बिहार में बड़ा शिक्षा घोटाला! यूपी-बंगाल घूमते रहे शिक्षक, ई-शिक्षा कोष में लगती रही हाजिरी, खतरे में इन 22 गुरुजी की नौकरी

Bihar Education News: बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ...

Bihar Education Scam Teachers Mark Attendance While Missing
बिहार में बड़ा शिक्षा घोटाला- फोटो : social Media

Bihar Education News: बिहार की सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला मोतिहारी से जुड़ा है, जहां स्कूलों में पढ़ाने की बजाय शिक्षक देश के अलग-अलग राज्यों में घूमते रहे, लेकिन उनकी हाजिरी ऑनलाइन सिस्टम में स्कूल में ही दर्ज होती रही।यह पूरा फर्जीवाड़ा ई-शिक्षा कोष पोर्टल की मॉनिटरिंग में सामने आया, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जांच में खुलासा हुआ कि 22 शिक्षकों ने 14 मई को अपने-अपने स्कूलों में उपस्थिति दर्ज की थी, लेकिन उनकी वास्तविक लोकेशन पटना, हाजीपुर, समस्तीपुर, यूपी और पश्चिम बंगाल तक पाई गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दो शिक्षकों की लोकेशन उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में ट्रैक हुई, जबकि कागजों में वे मोतिहारी के स्कूलों में उपस्थित दिख रहे थे।जैसे ही यह गड़बड़ी सामने आई, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने तत्काल सभी 22 शिक्षकों का वेतन रोक दिया और उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।

Diarch GO

कैसे हुआ खुलासा?

ई-शिक्षा कोष पोर्टल में मोबाइल आधारित अटेंडेंस सिस्टम लागू है, जिसमें हाजिरी के साथ लोकेशन भी रिकॉर्ड होती है। इसी डिजिटल ट्रैकिंग के दौरान यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। जांच में सामने आया कि कई शिक्षक उस दिन अपने स्कूलों से दूर अलग-अलग जिलों और राज्यों में मौजूद थे, फिर भी सिस्टम में उनकी उपस्थिति स्कूल से दर्ज हुई। इससे यह शक गहरा गया है कि या तो सिस्टम में छेड़छाड़ की गई या फिर किसी और ने उनकी आईडी से लॉगिन कर हाजिरी लगाई।

ग्रामीण शिक्षा पर असर

इस फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा नुकसान ग्रामीण इलाकों के बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्कूलों में बच्चे शिक्षक के इंतजार में बैठे रहते हैं, जबकि रिकॉर्ड में पढ़ाई पूरी दिखा दी जाती है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

NSIT
Nsmch

जांच का दायरा बढ़ा

शिक्षा विभाग अब सिर्फ इन 22 शिक्षकों तक सीमित नहीं रहना चाहता। अधिकारियों का कहना है कि अन्य दिनों की लोकेशन और उपस्थिति रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि आगे और भी नाम सामने आ सकते हैं। प्राथमिक सूची में शामिल कुछ मामलों में अदापुर, अरेराज, बनकटवा और चकिया प्रखंड के स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं, जिनकी लोकेशन पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, झारखंड, जहानाबाद और रोहतास तक पाई गई।

प्रशासन का सख्त संदेश

DEO ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की शिक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब तकनीकी सिस्टम की भी गहन जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि यह मानव त्रुटि है या सुनियोजित डिजिटल हेराफेरी। इस खुलासे के बाद पूरे शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है और शिक्षक वर्ग में भी डर का माहौल है कि आगे और कितनी परतें खुलेंगी।