ई-शिक्षा कोष ऐप देखकर अधिकारियों के उड़े होश! 73 शिक्षकों पर लटकी तलवार, 24 घंटे में रिपोर्ट जवाब दो

Bihar Teacher News: ई-शिक्षा कोष ऐप के जरिए शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है।

Bettiah E Shiksha App Flags 73 Teachers Action Looms in Biha
73 शिक्षकों पर कसा शिकंजा- फोटो : reporter

Bihar Teacher News: पश्चिम चंपारण के बेतिया जिले में ई-शिक्षा कोष ऐप के जरिए शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मझौलिया प्रखंड के 73 शिक्षक लगातार अनुपस्थित पाए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिला शिक्षा प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर पूरे मामले की सत्यापन रिपोर्ट तलब करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित शिक्षकों पर विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) अखिल वैभव ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मझौलिया को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से निर्धारित प्रपत्र में शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन कराया जाए। सत्यापन के बाद विस्तृत प्रतिवेदन 24 घंटे के भीतर जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

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विभागीय सूत्रों के अनुसार, ई-शिक्षा कोष ऐप पर ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित समीक्षा के दौरान यह मामला सामने आया। डिजिटल मॉनिटरिंग में बड़ी संख्या में शिक्षकों की लगातार गैरहाजिरी दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे अनुशासनहीनता का गंभीर मामला मानते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि ई-शिक्षा कोष ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षकों की लगातार अनुपस्थिति, ड्यूटी में लापरवाही या नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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डीईओ ने कहा कि सभी शिक्षकों को निर्धारित नियमों के अनुरूप प्रतिदिन अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी। शिक्षा विभाग का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद जो भी शिक्षक दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग का मानना है कि ई-शिक्षा कोष ऐप लागू होने के बाद विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति पर प्रभावी निगरानी संभव हुई है। इसी डिजिटल व्यवस्था के जरिए अब अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की पहचान कर जवाबदेही तय की जा रही है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सभी जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित समीक्षा और भी तेज की जाएगी, ताकि सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सके।

रिपोर्ट- आशीष कुमार