Bihar Teachers: गुरुजी के प्रमोशन की अग्निपरीक्षा, 20 हजार शिक्षक देंगे CTET, हेडमास्टर बनने की राह में ये है सबसे बड़ी शर्त, 6 सितंबर को आयोजित होने वाली सीटीईटी (CTET) परीक्षा

Bihar Teachers Promotion: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत करीब 20 हजार शिक्षकों के सामने अब पदोन्नति की बड़ी परीक्षा है।...

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गुरुजी के प्रमोशन की अग्निपरीक्षा- फोटो : social Media

Bihar Teachers  Promotion: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत करीब 20 हजार शिक्षकों के सामने अब पदोन्नति की बड़ी परीक्षा है। हेडमास्टर और प्रधान शिक्षक बनने का सपना देखने वाले शिक्षकों को 6 सितंबर को आयोजित होने वाली सीटीईटी (CTET) परीक्षा में अपनी योग्यता साबित करनी होगी। खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जिनकी उम्र 55 वर्ष या उससे अधिक है। पदोन्नति की दौड़ में बने रहने के लिए ये शिक्षक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।

शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार वर्ष 2028 तक CTET या TET उत्तीर्ण करना आवश्यक है। जो शिक्षक निर्धारित समय-सीमा तक यह परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे, उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। हालांकि, 55 वर्ष या उससे अधिक आयु के शिक्षकों को सेवा जारी रखने के लिए CTET या TET पास करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि वे यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करते हैं तो उन्हें हेडमास्टर या प्रधान शिक्षक के पद पर पदोन्नति नहीं मिलेगी।

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पदोन्नति का लाभ केवल पद तक सीमित नहीं है। हेडमास्टर या प्रधान शिक्षक बनने पर शिक्षकों के वेतन में करीब 10 हजार रुपये प्रति माह तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही उन्हें विद्यालय के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी, जिससे उनका दायित्व और अधिकार दोनों बढ़ जाएंगे।

इसी वजह से बड़ी संख्या में वरिष्ठ शिक्षक भी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। कई शिक्षक निजी कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मदद से पढ़ाई कर रहे हैं, ताकि वर्षों की सेवा के बाद पदोन्नति का अवसर हाथ से न निकल जाए।

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बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार शिक्षकों के लिए CTET पास करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सितंबर में परीक्षा आयोजित होनी है और शिक्षक अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। जिन शिक्षकों को परीक्षा से छूट मिली है, वे भी पदोन्नति का लाभ लेने के लिए स्वेच्छा से CTET देने की तैयारी कर रहे हैं।

अब 6 सितंबर की परीक्षा केवल एक औपचारिक परीक्षा नहीं, बल्कि हजारों शिक्षकों के करियर, पदोन्नति और भविष्य की दिशा तय करने वाली निर्णायक कसौटी बन चुकी है। परिणाम तय करेगा कि कौन शिक्षक विद्यालय की कमान संभालते हुए हेडमास्टर या प्रधान शिक्षक की जिम्मेदारी तक पहुंच पाएगा।