Chaitra Navratri 2025: कलश स्थापना के साथ मां शक्ति की आराधना शुरू, पहले दिन मां शैलपुत्री की हो रही पूजा , ये है सबसे शुभ मुहूर्त!

चैत्र नववरात्र की शुरुआता हो चुकी है। मां शक्ति की आराधना का आरंभ हो चुका है।

Chaitra Navratri 2025
मां शक्ति की आराधना शुरू- फोटो : Hiresh Kumar

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नववरात्र की शुरुआता हो चुकी है।  मां शक्ति की आराधना का आरंभ हो चुका है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश की स्थापना की जाती है। इसके साथ ही नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। मां शैलपुत्री हिमालय के राजा की पुत्री मानी जाती हैं। देवी शैलपुत्री वृषभ पर विराजमान होती हैं और उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल का फूल होता है। 

यह मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा करने से व्यक्ति को सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार, मां शैलपुत्री चंद्रमा का प्रतीक हैं। कहा जाता है कि माता रानी के शैलपुत्री स्वरूप की उपासना से चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।

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विभिन्न दुर्गा मंदिरों में मां शक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा की जा रही है। नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में कलश की स्थापना की जा रही है। मंदिरों से लेकर घरों तक में विधिपूर्वक मां शैलपुत्री की पूजा की जा रही है।  इस अवसर पर मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही हहै। 

चैत्र नवरात्रि 2025 आज, 30 मार्च से शुरू हो रही है और यह 6 अप्रैल तक चलेगी। इस बार नवरात्रि केवल 8 दिन की होगी, क्योंकि अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ रही हैं।

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चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 4 बजकर 27 मिनट से शुरू हुई और इसका समापन 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर होगा।

 6 बजकर 13 मिनट से सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक

दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक