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Bihar Crime:न्यूज4नेशन पर खबर के बाद महिला थानाध्यक्षा निलंबित, खाकी पर फिर लगी कालिख, वैशाली में डीआईजी के नाम पर रिश्वतखोरी का घिनौना खेल उजागर

Bihar Crime: खाकी के दामन पर लगे भ्रष्टाचार के काले दाग और वर्दी की आड़ में चल रहे जुर्म के काले कारनामों ने एक बार फिर कानून के रखवालों की नीयत को बेनकाब कर दिया है।

Vaishali SHO suspended
न्यूज4नेशन पर खबर के बाद महिला थानाध्यक्षा निलंबित- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Crime: खाकी के दामन पर लगे भ्रष्टाचार के काले दाग और वर्दी की आड़ में चल रहे जुर्म के काले कारनामों ने एक बार फिर कानून के रखवालों की नीयत को बेनकाब कर दिया है। बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने महकमे की साख को तार-तार कर दिया है। डीआईजी के नाम पर कथित तौर पर खुलेआम अवैध वसूली और रिश्वतखोरी का खेल खेलने वाली महिला थानाध्यक्ष पर गाज गिर चुकी है।

वर्दी की आड़ में जुर्म का काला कारोबार

घटना वैशाली जिले की है, जहाँ महकमे के भीतर ही भ्रष्टाचार का एक नापाक षड्यंत्र रचा जा रहा था। महिला थाना कांड संख्या 64/25 से जुड़ा एक सनसनीखेज ऑडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया। इस वायरल ऑडियो क्लिप ने पुलिस प्रशासन के गलियारों में हड़कंप मचा दिया। ऑडियो में साफ तौर पर यह उजागर हुआ कि कैसे खाकी वर्दी पहनने वाली एक जिम्मेदार अधिकारी कानून के रखवाले की बजाय किसी शातिर मुजरिम की तरह सौदेबाजी कर रही थी।

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जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले और शर्मनाक थे। आरोप है कि मुकदमे से किसी अभियुक्त का नाम हटाने के एवज में भारी-भरकम अनैतिक लाभ और रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित परिवार से सौदा तय करने के लिए डीआईजी के रसूख और नाम का बेखौफ इस्तेमाल किया गया। यह सरासर कानून के साथ गद्दारी और आम जनता के हक पर डाका डालने जैसा घिनौना अपराध है।

मीडिया के खुलासे के बाद जागा महकमा

इस काले कारनामे का पर्दाफाश सबसे पहले 'न्यूज़4नेशन' की खबर के माध्यम से हुआ। जैसे ही यह विस्फोटक खबर सार्वजनिक हुई, तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक और वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक  ने इस पर बेहद सख्त रुख अपनाया। मामले की नजाकत को भांपते हुए तुरंत उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए।

सदर-2 लालगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गोपाल मंडल को इस पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा सौंपा गया। जांच के दौरान जब उस वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी प्रामाणिकता की पड़ताल की गई, तो उसकी सत्यता सामने आ गई। 22 अगस्त 2026 के इस ऑडियो ने साबित कर दिया कि थाने के बंद कमरों में किस तरह से अपराधियों के साथ सांठगांठ कर न्याय का सौदा किया जा रहा था। थाना परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों ने इस जुर्म की दास्तान पर मुहर लगा दी।

निलंबन से नहीं छूटेगा दामन, कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

जांच रिपोर्ट में महिला थाना की थानाध्यक्ष, पुलिस अवर निरीक्षक  पूर्णिमा कुमारी का आचरण प्रथम दृष्टया पूरी तरह संदिग्ध, भ्रष्ट और अनैतिक पाया गया। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपे जाने के बाद, वैशाली एसपी शुभांक   मिश्रा ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला थानाध्यक्षा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

फिलहाल, इस सनसनीखेज मामले में विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। डीआईजी सत्यनारायण कुमार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि खाकी को दागदार करने वाले किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच का दायरा अब और विस्तृत कर दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जुर्म के इस नेटवर्क में और कौन-कौन से चेहरे बेनकाब होने बाकी हैं। यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि कानून के शिकंजे से कोई भी अपराधी बच नहीं सकता।