LATEST NEWS

  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट
  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट

  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर की आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर

  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया GMCH रेफर
  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया

  • पटना के मिलर ग्राउंड में ‘कृष्णोत्सव 2026’ का भव्य आगाज, सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन
  • पटना के मिलर ग्राउंड में ‘कृष्णोत्सव 2026’ का भव्य आगाज, सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने हत्या के मामले में दिया बड़ा फैसला, सबूतों के अभाव में आरोपी को किया बरी, उम्रकैद की सजा किया रद्द
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने हत्या के मामले में दिया बड़ा फैसला, सबूतों के

Bihar Police Crime:बिहार पुलिस की वर्दी पर फिर लगा धब्बा! थानाध्यक्ष समेत 11 पर केस दर्ज, घर में घुसकर पीटने से हुई थी मौत

Bihar Police Crime: तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया है।

Muzaffarpur Police Accused 11 Booked Man Dies After Assault
थानाध्यक्ष समेत 11 पर केस दर्ज!- फोटो : थानाध्यक्ष समेत 11 पर केस दर्ज

Bihar Police Crime: मुजफ्फरपुर में भूमि विवाद से जुड़ा एक पुराना मामला अब फिर सुर्खियों में है। सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र की रहने वाली सीता देवी ने अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के विशेष न्यायालय में शिकायत दर्ज कराते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 22 अक्टूबर 2024 को पुलिसकर्मी उनके घर में दाखिल हुए और उनके पति मदन बैठा उर्फ मदन चौधरी के साथ मारपीट की गई। गंभीर हालत में इलाज के दौरान अगले दिन उनकी मौत हो गई।शिकायत के मुताबिक, 22 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:45 बजे सिवाईपट्टी के तत्कालीन थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार पुलिस पदाधिकारियों और अन्य कर्मियों के साथ तीन वाहनों से सीता देवी के घर पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस के पहुंचते ही उनके पति के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी गई। शिकायत में उनकी बेटी इशा कुमारी के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया है।

पुलिस वाहन में ले जाने के बाद तबीयत बिगड़ने का दावा

सीता देवी का आरोप है कि मारपीट के बाद मदन बैठा को पुलिस वाहन में बैठाकर घर से करीब 200 मीटर दूर ले जाया गया। वहां उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें वाहन से नीचे उतार दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें मीनापुर के अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए SKMCH मुजफ्फरपुर रेफर किया गया।SKMCH के चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें नोवेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 23 अक्टूबर 2024 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

Diarch GO

भूमि विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला

शिकायत में कहा गया है कि 6 सितंबर 2024 को भूमि विवाद और कथित अतिक्रमण को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। इस मामले में सिवाईपट्टी थाने में कांड संख्या 122/24 और 124/24 दर्ज किए गए थे। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने एक पक्ष के साथ मिलकर दूसरे पक्ष को परेशान करना शुरू कर दिया।सीता देवी ने पुलिस पर परिवार को धमकाने और उनके पति को निशाना बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि घटना के बाद वरीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बेटे को धमकाने का भी आरोप

शिकायत में मृतक के बेटे शशि रंजन कुमार को धमकी दिए जाने का भी आरोप है। सीता देवी का दावा है कि 25 अक्टूबर 2024 को राहुल कुमार और मनमोहन कुमार ने उनके बेटे पर दबाव बनाया और डर-धमकी देकर सिवाईपट्टी थाना कांड संख्या 141/2024 दर्ज कराया गया।मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार, पुलिस पदाधिकारी शशिभूषण कुमार, अदिति कुमारी, अब्दुल्ला, राहुल कुमार समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें मुकेश बैठा, शंकर बैठा, लाल बाबू बैठा, पिंकी देवी, मंतोष कुमार और विक्की कुमार के नाम भी शामिल हैं।

NSIT
Nsmch

वरीय अधिकारियों से न्याय की मांग

पंच-सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के समय परिवार के साथ कथित मारपीट बेहद गंभीर थी। उनके मुताबिक, तत्कालीन मंत्री मदन सहनी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर वरीय पुलिस अधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र दिया था। मानवाधिकार आयोग की ओर से भी पत्राचार किए जाने का दावा किया गया है।मनोज कुमार सिंह का कहना है कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब अदालत में दाखिल शिकायत, उपलब्ध दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तविक रूप से क्या हुआ था और मदन बैठा की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा