Crime News: हत्या के आरोपी से पेपर लीक किंग तक, बिहार के बिजेंद्र गुप्ता ने फरारी में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, पढ़िए महाराष्ट्र पेपर लीक माफिया के बड़ा चेहरे के नेटवर्क का जाल

Crime News: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की साख पर लगातार लग रहे दागों के बीच एक नाम बार-बार जांच एजेंसियों के निशाने पर आ रहा है बिजेंद्र गुप्ता।...

Crime News: हत्या के आरोपी से पेपर लीक किंग तक, बिहार के बिज
बिहार के बिजेंद्र गुप्ता का करोड़ों का सिंडिकेट- फोटो : social Media

Crime News: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की साख पर लगातार लग रहे दागों के बीच एक नाम बार-बार जांच एजेंसियों के निशाने पर आ रहा है बिजेंद्र गुप्ता। आरोप है कि छात्र जीवन में हत्या के मामले में नाम आने के बाद अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले बिजेंद्र ने धीरे-धीरे ऐसा नेटवर्क खड़ा किया, जिसने कई राज्यों की भर्ती परीक्षाओं को निशाना बनाया। हाल ही में महाराष्ट्र टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले में उसका नाम फिर सुर्खियों में है। हालांकि, पुलिस के अनुसार वह अभी भी फरार है, जबकि उसके कई कथित सहयोगियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बिजेंद्र मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा क्षेत्र का रहने वाला है। साधारण परिवार से आने वाले बिजेंद्र पर वर्ष 2005 में छात्र जीवन के दौरान हत्या का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद जेल जाने की घटना को उसके अपराध जगत की शुरुआत माना जाता है। बाद के वर्षों में उसने कथित तौर पर परीक्षा माफिया का नेटवर्क तैयार किया और विभिन्न राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने लगा।

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जांच एजेंसियों का दावा है कि बिहार से लेकर ओडिशा और महाराष्ट्र तक उसका सिंडिकेट सक्रिय रहा। आरोप है कि पुलिस से बचने के लिए वह लगातार अपनी पहचान बदलता रहा और कभी 'बलिंदर' तो कभी 'अभिषेक महतो' जैसे नामों का इस्तेमाल करता था। इसी वजह से वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता रहा।

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस ने बिजेंद्र के कई कथित सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। उसकी पत्नी सुमन गुप्ता भी गिरफ्तार की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जब गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहते थे, तब सुमन कथित तौर पर पूरे नेटवर्क का समन्वय और वित्तीय प्रबंधन संभालती थीं। उनके बारे में यह भी बताया गया है कि वह पटना के भूतनाथ रोड इलाके में एक ब्यूटी स्टूडियो संचालित करती थीं।

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इसी मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने आगरा से नरेश कुमार, संजय कुमार और बाबूलाल कुरावा को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इनकी भूमिका प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क से जुड़ी रही है और पूरे रैकेट की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल, पुलिस और जांच एजेंसियां बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगी। इस मामले ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पेपर लीक माफिया के संगठित नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।