औरंगाबाद का एक दबंग सीओ! गाली-गलौज- हाथापाई से भी नहीं करता है परहेज

Bihar Crime: ग्रामीणों का आरोप है कि धरना देने के दौरान सीओ और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान सीओ ने ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया।

Aurangabad Barun CO Faces Misconduct Row
औरंगाबाद का एक दबंग सीओ!- फोटो : reporter

Bihar Crime:  औरंगाबाद जिले के बारुण अंचल के सीओ नारायण राय पर ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन से सीओ को तत्काल हटाने की मांग की है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।बताया जा रहा है कि मामला बारुण थाना क्षेत्र के जनकोप गांव के समीप एनएच-19 का है। ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले जनकोप गांव के लोगों की ओर से सड़क पार करने के लिए ओवरब्रिज बनाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद बारुण सीओ नारायण राय मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद सीओ और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान सीओ ने ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया। वायरल वीडियो में भी सीओ और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।

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इसी दौरान एक ग्रामीण युवक पूरे घटनाक्रम का मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगा। ग्रामीणों का दावा है कि वीडियो बनाते देखकर सीओ नारायण राय युवक की ओर बढ़े और मोबाइल छीनने की कोशिश में उसके साथ कथित तौर पर हाथापाई हुई। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया।स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। कुछ देर तक मौके पर तनाव का माहौल बना रहा। बाद में सीओ अपने वाहन की ओर चले गए और पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया।

वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों ने सीओ के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी से आम लोगों के साथ संयमित और मर्यादित व्यवहार की उम्मीद की जाती है। उनका आरोप है कि यदि अधिकारी ही ग्रामीणों के साथ इस तरह पेश आएंगे तो आम लोगों की शिकायतें और समस्याएं कौन सुनेगा।ग्रामीणों ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वीडियो में सामने आए घटनाक्रम की सच्चाई स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सीओ नारायण राय को तत्काल पद से हटाने की मांग भी उठाई है।

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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। हालांकि किसी अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।अब बड़ा सवाल यह है कि वायरल वीडियो के आधार पर जिला प्रशासन क्या संज्ञान लेता है और क्या पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कराई जाती है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद बारुण में प्रशासनिक व्यवहार और ग्रामीणों की शिकायतों को लेकर बहस तेज हो गई है।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर