LATEST NEWS

  • Bihar Ration Card
  • Bihar Ration Card:बिहार में 35 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द! चेक कर लीजिए लिस्ट में आपका

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक के साथ तूफान की आहट!
  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

ऑनलाइन शॉपिंग का मायाजाल ,छलावा बाजार वर्चुअल जुमला का क्या है सच, पढ़िए

ऑनलाइन शॉपिंग बाज़ार सिर्फ सहूलियत का मैदान नहीं, बल्कि लुभावने नारों और लुटेरे वादों का एक ऐसा वर्चुअल गलियारा बन चुका है, जहां रियायत और रियासती फायदों के नाम पर आम नागरिक की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है।

Smart Online Shopping Tips
ऑनलाइन शॉपिंग का मायाजाल- फोटो : social Media

Online Shopping: सियासत की तर्ज पर देखा जाए तो आज का ऑनलाइन शॉपिंग बाज़ार सिर्फ सहूलियत का मैदान नहीं, बल्कि लुभावने नारों और लुटेरे वादों का एक ऐसा वर्चुअल गलियारा बन चुका है, जहां रियायत और रियासती फायदों के नाम पर आम नागरिक की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है। जिस तरह चुनावी मंचों से जनता को लुभावने जुमले परोसे जाते हैं, ठीक उसी तरह यह बाज़ार भी विज्ञापनों की चमक-दमक और फ्लैश डील के ज़रिए वोटर यानी ग्राहक को गफलत में डालकर उसके विवेक को हाईजैक कर रहा है।

अवाम को यह यकीन दिला दिया जाता है कि 'महंगाई के इस दौर में यह सबसे बड़ी राहत है', जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उल्टी होती है। ज़रूरत न होने के बावजूद महज़ 'चालीस फीसदी की छूट' का सियासी शिगूफा देखकर लोग बिना सोचे-समझे अपना मत यानी पैसा झोंक देते हैं। यह मुफ्त डिलीवरी और कूपन का मायाजाल दरअसल एक ऐसा दलदल है, जिसमें फंसकर इंसान अपनी गाढ़ी कमाई अनाप-शनाप चीज़ों पर लुटा बैठता है।

यदि लोकतंत्र में जागरूक मतदाता की अहमियत है, तो डिजिटल युग में सतर्क उपभोक्ता होना उतना ही लाज़मी है। तस्वीरों की रंगीन दुनिया और मॉडलों पर सजी पोशाकों के फरेब में आकर फैसले लेना सरासर नासमझी है। बाज़ार की इस सियासत को समझें: जो चीज़ बिना छूट के नहीं खरीदी जाती, वह रियायत मिलने पर भी बचत नहीं बल्कि सरासर फिज़ूलखर्ची है। इसलिए, किसी भी सौदेबाजी  पर मुहर लगाने से पहले अपने जमीर और ज़रूरत से सवाल करना बेहद लाज़मी है।

अतः ज़रूरत इस बात की है कि आप महज़ सतही नारों और स्टार रेटिंग के भ्रम में न आएं, बल्कि उत्पाद के विवरण (डिटेल्स), सच्ची समीक्षाओं (रिव्यूज) और वापसी की शर्तों (रिटर्न पॉलिसी) को गहराई से परखें। एक समझदार और होशियार नागरिक वही है जो इस डिजिटल छलावे के मकड़जाल को बेनकाब करते हुए अपनी प्राथमिकताओं और सुरक्षा को सर्वोपरि रखे।

NSIT
Nsmch