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sugar imports: चीनी के दाम होंगे कम? ब्राजील से भारत आ रही पहली बड़ी खेप

sugar imports: चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच राहत की उम्मीद है। सरकार के ड्यूटी-फ्री आयात के फैसले के बाद ब्राजील से चीनी की पहली खेप 15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंच सकती है।

sugar imports

sugar imports: देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच आम लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। सरकार की ओर से ड्यूटी-फ्री चीनी आयात की अनुमति दिए जाने के बाद ब्राजील से चीनी की शुरुआती खेप 15 अक्टूबर 2026 से पहले भारत पहुंच सकती है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इस तारीख तक कितनी मात्रा में चीनी देश में आएगी।

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के अध्यक्ष प्रकाश नाइकनवारे ने न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि शुरुआती खेप के समय पर पहुंचने की अच्छी संभावना है, लेकिन इसकी सही मात्रा का अनुमान अभी लगाना मुश्किल है।

ब्राजील से आएगी चीनी

नाइकनवारे के मुताबिक, मौजूदा समय में ब्राजील भारत के लिए चीनी आयात का सबसे व्यावहारिक स्रोत है। वहीं, पारंपरिक सप्लायर थाईलैंड खुद चीनी की कमी से जूझ रहा है। ब्राजील से भारत तक चीनी की खेप पहुंचने में आमतौर पर करीब 40 से 45 दिन लगते हैं। इसके बाद बंदरगाह से चीनी को आगे भेजने में भी कुछ समय लगता है। उन्होंने बताया कि आयात की प्रक्रिया में कई चरण शामिल हैं। इसमें डीजीएफटी की मंजूरी और आवंटन, लेटर ऑफ क्रेडिट जारी करना और जहाज की बुकिंग जैसे काम शामिल हैं। ब्राजील के बंदरगाहों पर ट्रैफिक की स्थिति भी डिलीवरी के समय को प्रभावित कर सकती है।

सरकार ने 10 लाख टन तक ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी

चीनी की घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने और त्योहारों के दौरान पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने के लिए सरकार ने 20 अगस्त 2026 को कच्ची चीनी के 10 लाख टन तक ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी थी। देश में त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले चीनी की मांग बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराना है, ताकि मांग बढ़ने के बावजूद कीमतों पर ज्यादा दबाव न पड़े।

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एक महीने में 24 फीसदी तक बढ़ी चीनी की कीमत

देश में सप्लाई की कमी के बीच चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में चीनी के रिटेल और होलसेल दाम करीब 24 फीसदी बढ़कर 56 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। त्योहारी सीजन से पहले कीमतों में यह बढ़ोतरी सरकार के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। इसी वजह से ड्यूटी-फ्री आयात के साथ-साथ जमाखोरी के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की जा रही है।

क्या चीनी के दाम कम होंगे?

सरकार के ड्यूटी-फ्री आयात के फैसले के बाद बाजार में इसका असर दिखना शुरू हो गया है। जमाखोरी पर सख्ती और आने वाले दिनों में आयातित चीनी की सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि, चीनी के दाम कितने कम होंगे और आम लोगों को इसका कितना फायदा मिलेगा, यह आयात की मात्रा, घरेलू उत्पादन और बाजार में मांग पर निर्भर करेगा। 15 अक्टूबर से पहले अगर पर्याप्त मात्रा में चीनी की खेप भारत पहुंचती है, तो त्योहारों के दौरान सप्लाई बनाए रखने में मदद मिल सकती है।