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Paneer Ban: पनीर पर बैन की तैयारी? राज्यों के बाद केंद्र सरकार भी ले सकती है बड़ा फैसला

Paneer Ban: एनालॉग पनीर को लेकर देशभर में खाद्य सुरक्षा की चिंता बढ़ी है। FSSAI इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने के विकल्प पर विचार कर रहा है। जानें क्या है एनालॉग पनीर।

Paneer Ban

Paneer Ban: अगर आपको पनीर खाना पसंद है या आप होटल और रेस्टोरेंट में पनीर की डिश खाते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। देश के कई राज्यों में इन दिनों एनालॉग पनीर को लेकर खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जांच और कार्रवाई तेज हो गई है। अब इस मामले को केंद्र स्तर पर भी गंभीरता से देखा जा रहा है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI एनालॉग पनीर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के विकल्प पर विचार कर रहा है। FSSAI के CEO राजित पुन्हानी के अनुसार, यह मामला अब केवल कुछ राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में आने वाले समय में इसके इस्तेमाल को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर दिखने में सामान्य पनीर जैसा होता है, लेकिन इसे पूरी तरह दूध से नहीं बनाया जाता। इसे तैयार करने में दूध से मिलने वाले फैट और दूसरे ठोस पदार्थों की जगह वनस्पति तेल या अन्य गैर-डेयरी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। FSSAI पहले ही साफ कर चुका है कि ऐसे उत्पाद को केवल ‘पनीर’ नाम से बेचने की अनुमति नहीं है। इसका मतलब है कि ग्राहक को उत्पाद के बारे में सही जानकारी देना जरूरी है, ताकि वह असली डेयरी पनीर और दूसरे उत्पाद के बीच अंतर समझ सके।

कई राज्यों में हो चुकी है कार्रवाई

एनालॉग पनीर को लेकर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों में कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभागों की ओर से ऐसे उत्पादों की जांच और बिक्री पर नजर बढ़ाई गई है।

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पूरे देश में क्यों बढ़ी सख्ती?

एनालॉग पनीर को लेकर सबसे बड़ी चिंता उत्पाद की सही पहचान और उसकी जानकारी को लेकर है। अगर किसी गैर-डेयरी उत्पाद को पनीर के नाम से बेचा जाता है, तो ग्राहक को यह पता नहीं चल पाता कि वह वास्तव में क्या खरीद रहा है। खाद्य नियामक अब इस बात पर जोर दे रहा है कि खाने-पीने के सामान पर सही नाम और सही जानकारी दी जाए। इससे ग्राहकों को खरीदारी करते समय सही फैसला लेने में मदद मिलेगी। अगर केंद्र सरकार की ओर से देशभर में एनालॉग पनीर को लेकर कोई नया नियम या रोक लागू की जाती है, तो होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे खाद्य कारोबारियों को उसके अनुसार अपनी व्यवस्था बदलनी पड़ सकती है। फिलहाल देशभर में इस मामले पर चर्चा और जांच का दौर जारी है। किसी भी अंतिम फैसले के बाद ही यह साफ होगा कि एनालॉग पनीर के उत्पादन, इस्तेमाल और बिक्री को लेकर किस तरह के नियम लागू किए जाएंगे।