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निगरानी विभाग का बड़ा धमाका: 15 हजार घूस लेते रंगे हाथों धराया दारोगा, महकमे में हड़कंप

वैशाली जिले के पातेपुर थाने में तैनात दारोगा अखिलेश सिंह को निगरानी विभाग ने ₹15,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। डीएसपी सत्येंद्र राम की टीम ने की बड़ी कार्रवाई। पूरी खबर पढ़ें।

निगरानी विभाग का बड़ा धमाका: 15 हजार घूस लेते रंगे हाथों धरा
निगरानी विभाग की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया पातेपुर थाने का दारोगा और रिश्वत की राशि।- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali - : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चलते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बार फिर खाकी को दागदार होने से बचाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वैशाली जिले के पातेपुर थाने में तैनात एक दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) अखिलेश सिंह को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। निगरानी विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से पातेपुर थाने सहित पूरे जिला पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया है।

केस रफा-दफा करने के लिए मांगी थी रिश्वत


निगरानी विभाग के डीएसपी सत्येंद्र राम ने बताया कि परिवादी चंदन कुमार ने ब्यूरो में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पातेपुर थाना कांड संख्या 84/26 और 85/26 (काउंटर केस) के अनुसंधानकर्ता (IO) दारोगा अखिलेश सिंह केस डायरी लिखने और मामले को रफा-दफा करने के बदले ₹15,000 की मांग कर रहे थे। परिवादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए निगरानी की शरण ली।

निगरानी की 10 सदस्यीय टीम ने बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन कराया। रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होते ही डीएसपी सत्येंद्र राम के नेतृत्व में एक विशेष 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। इस टीम में सुनील कुमार सिंह, रवि कुमार और रितेश कुमार सिंह जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल थे। सोमवार को जैसे ही दारोगा ने परिवादी से घूस की रकम पकड़ी, पहले से जाल बिछाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।

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थाने में ही हुई कागजी कार्रवाई, पटना ले गई टीम

गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम ने पातेपुर थाने में ही आरोपी दारोगा अखिलेश सिंह के खिलाफ आवश्यक कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई है। निगरानी विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी दारोगा को पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई के दौरान थाने के अन्य पुलिसकर्मियों के बीच सन्नाटा पसरा रहा।

भ्रष्टाचारियों को डीएसपी का कड़ा संदेश

कार्रवाई के बाद निगरानी डीएसपी सत्येंद्र राम ने मीडिया से बात करते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी सरकारी सेवक को कतई बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो बेझिझक निगरानी विभाग को सूचित करें ताकि भ्रष्टाचार मुक्त बिहार का सपना सच हो सके।

रिपोर्ट - रिषभ कुमार