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6 साल सजा काट कर जेल से छूटते ही बना लिया नया गिरोह, पीड़ित को अपने फोन से घर बात कराना लुटेरे को पड़ा भारी, पुलिस ने ऐसे दबोचा

राहगीरों को झांसा देकर लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड रामप्रवेश राम, जो 6 साल की सजा काटकर जेल से बाहर आया था, अपनी एक 'दरियादिली' वाली गलती के कारण पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

6 साल सजा काट कर जेल से छूटते ही बना लिया नया गिरोह, पीड़ित

Vaishali - वैशाली जिले की पुलिस ने पिछले चार महीनों से सक्रिय एक ऐसे अपराधी गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है, जो यात्रियों को घर पहुँचाने के बहाने लूटपाट करता था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड रामप्रवेश राम अब पुलिस की गिरफ्त में है। सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से हाजीपुर रेलवे स्टेशन और रामाशीष चौक पर यात्रियों को निशाना बनाता था। अपराधी यात्रियों को विश्वास में लेकर अपनी गाड़ी में बैठा लेते थे और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर उनके साथ लूटपाट की घटना को अंजाम देते थे।

एक 'कॉल' ने खोला राज 

इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के पीछे एक फिल्मी मोड़ है। दरअसल, सितंबर-अक्टूबर के दौरान हुई एक लूट की वारदात के वक्त पीड़ित ने विनती की थी कि उसे घर पर बात करनी है। रामप्रवेश ने दरियादिली दिखाते हुए अपने ही मोबाइल से पीड़ित की बात उसके घर वालों से करवा दी थी। पुलिस ने जब तकनीकी अनुसंधान (Technical Research) शुरू किया, तो उसी मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस रामप्रवेश तक पहुँच गई।

जेल से छूटते ही बनाया नया गिरोह 

पूछताछ में पता चला कि रामप्रवेश राम पहले भी मादक पदार्थों (गांजा) की तस्करी के मामले में साढ़े छह साल की सजा काट चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना नया गिरोह तैयार किया। पुलिस ने उसे 10.95 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हाजीपुर सदर और काजीपुर थाना क्षेत्रों में हुई लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

सीसीटीवी और बैंक ट्रांजेक्शन से मिले साक्ष्य 

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एसडीपीओ सुबोध कुमार ने जानकारी दी कि इस गिरोह में कुल तीन सदस्य सक्रिय थे। पुलिस के पास इन घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजेक्शन के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। फिलहाल मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे है, जबकि गिरोह के अन्य दो सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

Report - Rishav kumar