LATEST NEWS

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक के साथ तूफान की आहट!
  • Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, आज पटना समेत इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

  •  credit card
  • credit card: दिवाली पर HDFC, SBI, ICICI और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर छूट,

बच्चों का भविष्य नहीं होने देंगे बर्बाद : रेलवे के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों ग्रामीण, जानें पूरा मामला

हाजीपुर-बछवाड़ा रेलखंड स्थित वासुदेवपुर चंदेल-लोदीपुर रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद करने के फैसले ने हिंसक रूप ले लिया है। पिछले दो दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन आज जन आक्रोश में बदल गया, जहाँ ग्रामीणों ने मौके पर पहुँची प्रशासन की टीम को खदेड़ दिय

बच्चों का भविष्य नहीं होने देंगे बर्बाद : रेलवे के फैसले के

Vaishali - वैशाली जिले के महनार में रेलवे फाटक बंद करने के रेल प्रशासन के फैसले ने एक गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। हाजीपुर-बछवाड़ा रेलखंड स्थित वासुदेवपुर चंदेल-लोदीपुर रेलवे ढाला को स्थायी रूप से बंद किए जाने के खिलाफ पिछले दो दिनों से चल रहा आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने न सिर्फ रेल प्रशासन के काम को रोका, बल्कि मौके पर पहुँची पुलिस और प्रशासनिक टीम को भी वहां से खदेड़ दिया। स्थिति को बिगड़ता देख इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।

इस विरोध का सबसे मानवीय पहलू स्थानीय महिलाओं और स्कूली बच्चों की परेशानी है। आंदोलन में शामिल सोनी नामक महिला ने बताया कि रेलवे फाटक बंद होने से कॉलेज और स्कूलों की दूरी अब 3 किलोमीटर बढ़ गई है। छोटे-छोटे बच्चों को अब लंबी दूरी तय कर पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे रात के 10 बजे तक आते-जाते हैं और इस रास्ते के बंद होने से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। आवागमन का कोई ठोस विकल्प न होने के कारण छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आम नागरिकों में भी भारी असुरक्षा का भाव है।

NSIT
Nsmch

ग्रामीणों के आक्रोश की एक बड़ी वजह वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव और सुरक्षा की चिंता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रेलवे ने जिस 'एप्रोच रोड' की बात कही है, वह मुख्य मार्ग का विकल्प नहीं हो सकता। लोगों ने डर जताया कि चौर (सुनसान इलाके) में सड़क बन जाने से आपराधिक घटनाएं और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ सकते हैं। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि जब तक यहां ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक मुख्य सड़क के इस ढाले को बंद नहीं होने दिया जाएगा।

दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला कोई नया नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे फाटक को बंद करने का आदेश सरकार द्वारा 2020 में ही जारी किया गया था। प्रशासन के अनुसार, नियमतः ढाला बंद कर एप्रोच रोड के जरिए यातायात को मोड़ना है। मौके पर मौजूद अधिकारी लोगों को समझाने और उनकी मांगों को सुनने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि जिलाधिकारी (DM) के आदेशों का अनुपालन कराया जा सके, लेकिन ग्रामीणों की एकजुटता के कारण काम फिलहाल ठप पड़ा है।

फिलहाल, महनार का यह इलाका छावनी में तब्दील हो गया है और तनाव बरकरार है। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हैं और प्रशासन आदेश लागू करने की कोशिश में है। यह घटना दर्शाती है कि बिना स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और जनता की बुनियादी जरूरतों को समझे लिए गए फैसले किस तरह सामाजिक असंतोष का कारण बनते हैं। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन के अगले कदम पर हैं कि क्या वह जनहित को देखते हुए ओवरब्रिज की मांग पर विचार करता है या बलपूर्वक आदेश को लागू कराता है।

रिपोर्ट - रिषभ कुमार