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अस्पताल की घोर लापरवाही ने ली घायल की जान, तमाशबीन बने रहे स्वास्थ्यकर्मी

अस्पताल की घोर लापरवाही ने ली घायल की जान, तमाशबीन बने रहे स
स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही से घायल की गई जान- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ताजा मामला वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदनहीनता और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

तेज रफ्तार ट्रक ने दोनो भाइयों को कुचला

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सहदेई बुजुर्ग थाना क्षेत्र के अंधराबर चौक के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो भाइयों को कुचल दिया। इस हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मानवीयता दिखाई और दोनों घायलों को एक निजी गाड़ी (पिकअप) पर लादकर तुरंत सहदेई स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, ताकि उन्हें समय पर डॉक्टरी सहायता मिल सके।

15-20 मिनट तक गाड़ी में पड़ रहा घायल

हैरानी और शर्मिंदगी की बात यह रही कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी करीब 15 से 20 मिनट तक किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने घायलों को गाड़ी से उतारने की जहमत नहीं उठाई। घायल तड़पते रहे और अस्पताल कर्मी मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे। जब घायल के परिजन अस्पताल पहुंचे, तब उन्होंने खुद ही दोनों को पिकअप से उतारकर स्ट्रेचर पर रखा। परिजनों का सीधा आरोप है कि अगर अस्पताल प्रशासन ने समय पर सक्रियता दिखाई होती और इलाज तुरंत शुरू होता, तो एक की जान बच सकती थी।

प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन अस्पताल की इस देरी का खामियाजा भुगतना पड़ा। अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही बड़े भाई सुरेश साहनी की मौत हो गई, जबकि छोटे भाई असेशर साहनी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि सहदेई बुजुर्ग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। यहाँ स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह आए दिन की कहानी बन गई है। इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि कागजों पर दुरुस्त दिखने वाली बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी बेपटरी हो चुकी है, जहाँ आम आदमी को समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

रिषभ कुमार की रिपोर्ट