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वैशाली के इस गांव में घुसा गंगा का पानी, 104 परिवार 8 दिनों से बांध पर रहने को मजबूर

वैशाली जिले से बाढ़ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जिले के देसरी प्रखंड के खड़गपुर गांव मे गंगा के पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इस गांव के लोग पिछले एक सप्ताह से अपना घर-बार छोड़कर बांध पर शरण लिए हुए हैं.....

वैशाली के इस गांव में घुसा गंगा का पानी, 104 परिवार 8 दिनों
बांध पर शरण लेने को मजबूर 104 परिवार- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले के देसरी प्रखंड से बाढ़ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। गंगा नदी के जलस्तर में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण खड़गपुर गांव में बाढ़ का पानी पूरी तरह प्रवेश कर चुका है। गांव जलमग्न होने से स्थिति बेहद विकराल हो गई है और लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

घर-बार छोड़कर बांध पर शरण लेने को मजबूर हुए 104 परिवार

मिली जानकारी के अनुसार, बीते 19 अगस्त की रात अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ गया था। देखते ही देखते पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिसके बाद ग्रामीणों को अपने मासूम बच्चों और मवेशियों के साथ घर छोड़कर जान बचाने के लिए भागना पड़ा। गांव के करीब 104 परिवारों ने सुरक्षा के लिए बांध पर शरण ली है और वहीं अस्थायी झुग्गियां बनाकर पिछले 8 दिनों से जैसे-तैसे दिन काट रहे हैं।

बाढ़ पीड़ितों का आरोप- 8 दिन बाद भी प्रशासन ने नहीं ली सुध

बांध पर जीवन गुजार रहे बाढ़ पीड़ितों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि आपदा के 8 दिन बीत जाने के बावजूद भी अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी या राहत दल उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। पीड़ितों का कहना है कि न तो उन्हें रहने के लिए प्लास्टिक/त्रिपाल दिया गया है और न ही भोजन-पानी का कोई इंतजाम किया गया है।

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बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें, बीमारी का खतरा

बांध पर रह रहे परिवारों के सामने भोजन के साथ-साथ शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है, तो बांध पर रुकना भी असुरक्षित हो जाएगा।

प्रशासन से तत्काल राहत और चिकित्सा सुविधा की मांग

बेबस बाढ़ पीड़ितों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तुरंत राहत कार्य चलाने की अपील की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बांध पर शरण लिए सभी परिवारों को तुरंत सूखा राशन, पका हुआ भोजन, शुद्ध पीने का पानी, पन्नी (त्रिपाल) और मेडिकल टीम भेजकर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएं ताकि महामारी जैसी स्थिति से बचा जा सके।

रिषभ की रिपोर्ट