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देश के विकास का राज ज्ञान शिक्षा में निहित: अमीर-ए-शरीअत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी

किसी भी समाज और देश की तरक्की का असल रास्ता शिक्षा और ज्ञान के मंदिर से होकर गुजरता है। इसी संदेश के साथ सुपौल के नुनुपट्टी में एक भव्य सार्वजनिक सभा का आयोजन किया गया...

देश के विकास का राज ज्ञान  शिक्षा में निहित: अमीर-ए-शरीअत मौ
देश के विकास का राज ज्ञान शिक्षा में निहित : मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : सदर प्रखंड के नुनुपट्टी स्थित मदीना जामा मस्जिद परिसर में एक भव्य सार्वजनिक सभा (पब्लिक मीटिंग) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार, उड़ीसा और झारखंड के अमीर-ए-शरीअत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने अपने उच्च स्तरीय डेलीगेशन के साथ शिरकत की। जनसभा को संबोधित करते हुए मौलाना रहमानी ने शिक्षा और समाज सुधार के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश के विकास का असली राज ज्ञान और शिक्षा में ही छिपा है। आज के समय में समाज को सही दिशा देने के लिए धार्मिक, व्यावहारिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना बेहद जरूरी हो गया है।


शिक्षित और नैतिक रूप से ईमानदार पीढ़ी ही बनाएगी देश का उज्ज्वल भविष्य

कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों और धर्मगुरुओं ने भी शिक्षा के प्रति समाज को जागरूक किया। सुपौल के काज़ी मुफ़्ती अबुल कासिम रहमानी, सहरसा के जामिया इस्लाह अल-बनत के सदर मदरिस मुफ़्ती मेराज सईद कासमी और मौलाना निज़ामुद्दीन शताशी ने अभिभावकों को अहम सलाह दी। वक्ताओं ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आज की आधुनिक शिक्षा पर भी खास ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ एक पढ़ी-लिखी, जागरूक और नैतिक रूप से ईमानदार पीढ़ी ही देश और राष्ट्र का उज्ज्वल व गौरवशाली भविष्य बना सकती है।


सामाजिक बुराइयों के खात्मे और आपसी एकता को मजबूत करने पर जोर

अमीर-ए-शरीअत और अन्य वक्ताओं ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे सभी प्रकार की सामाजिक बुराइयों से दूर रहें, आपसी एकता, भाईचारे और सहमति को मजबूत करें। इसके साथ ही समाज में मानव सेवा और एक-दूसरे की मदद करने की भावना को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज का हर व्यक्ति नैतिक रूप से मजबूत होगा, तभी एक आदर्श और शांतिपूर्ण राष्ट्र का निर्माण संभव है।


पवित्र कुरान की तिलावत और नात-ए-पाक से हुई जलसे की शुरुआत

इससे पहले कार्यक्रम का बेहद गरिमामयी और रूहानी आगाज हुआ। मुफ़्ती शफीउल्लाह कासमी द्वारा पवित्र कुरान की तिलावत की गई, जिसके बाद मशहूर शायर कैसर अली राणा ने खूबसूरत अंदाज में नात-ए-पाक पेश कर समां बांध दिया। इस महत्वपूर्ण जलसे में तंज़ीम इमारत-ए-शरिया सुपौल के जनरल सेक्रेटरी श्री जमालुद्दीन, मौलाना मुनव्वर कासमी, मिथिला हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर हाफ़िज़ नसीम इक़बाल और मुहम्मद जनाब राशिद उर्फ़ मुहम्मद जुमन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय विद्वान, बुद्धिजीवी और आम लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल समापन के बाद राजा मुराद हज़रत अमीर-ए-शरीअत को अपने निजी आवास ले गए, जहां उनका शानदार और ऐतिहासिक स्वागत किया गया।


देश में शांति, सद्भाव और कौम की तरक्की के लिए उठीं दुआएं

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इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें मुख्य रूप से मौलाना अयूब, मुहम्मद फ़ख़रुद्दीन, मौलाना हारून राशिद, मो. सलीम, मो. जब्बार, मो. अनवर आलम, ज़ुबैर आलम, मो. अलाउद्दीन, मो. मेराज और मो. नसीम आदि सक्रिय रहे। जलसे के आखिरी चरण में अमीर-ए-शरीअत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी के नेतृत्व में सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया। इस दौरान देश और कौम की निरंतर तरक्की, आपसी अमन-चैन, शांति और खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट