LATEST NEWS

  • बाढ को लेकर मुकेश सहनी ने केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा, कहा-पिछले 50 वर्षों से केवल योजनाएं बनाने की बातें की जा रही हैं
  • बाढ को लेकर मुकेश सहनी ने केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा, कहा-पिछले 50 वर्षों से केवल योजनाएं

  • Bihar News : बेगूसराय में विक्षिप्त नाबालिग से युवक ने की दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • Bihar News : बेगूसराय में विक्षिप्त नाबालिग से युवक ने की दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी को पुलिस ने

  • Patna divisional commissioner paliganj sub division inspection
  • Patna Divisional Commissioner Inspection:मनरेगा भुगतान अटका देख कमिश्नर ने मौके पर ही अधिकारियों की लगाई क्लास

  • गंडक नदी में उफान: खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, वैशाली में प्रशासन अलर्ट
  • गंडक नदी में उफान: खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, वैशाली में प्रशासन अलर्ट

  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया, मैनेजर फरार
  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया,

लापरवाही पर बिफरे DM सावन कुमार, निर्मली सीओ पर 1000 रुपये का जुर्माना

लापरवाही पर बिफरे DM सावन कुमार, निर्मली सीओ पर 1000 रुपये क
सुपौल डीएम सावन कुमार (फाइल फोटो)- फोटो : न्यूज4नेशन

Supaul : जिले में आम जनता की समस्याओं और लोक शिकायतों के त्वरित व प्रभावी निवारण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी सिलसिले में मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी सावन कुमार ने लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत प्राप्त द्वितीय अपील से संबंधित मामलों की मैराथन सुनवाई की। इस उच्चस्तरीय सुनवाई के दौरान कुल 12 वादों पर गहन विचार-विमर्श किया गया, जिनमें से 2 मामलों का मौके पर ही सफल निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष 10 मामलों की विस्तृत समीक्षा के लिए अगली तिथि 9 जून 2026 मुकर्रर की गई है।


वीसी के जरिए जुड़े अधिकारी, लापरवाही पर भड़के जिलाधिकारी

सुनवाई के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। जहां नगर परिषद सुपौल और नगर पंचायत पिपरा के कार्यपालक पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए, वहीं जिले के दूर-दराज प्रखंडों के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वीसी के जरिए निर्मली, राघोपुर एवं त्रिवेणीगंज के अंचल अधिकारी (सीओ) तथा जदिया व वीरपुर के थानाध्यक्षों ने भाग लिया। सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि लोक शिकायत के मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों को लेकर किसी भी स्तर पर उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


अपेक्षित जानकारी न देने पर निर्मली सीओ पर लगा अर्थदंड

इस सुनवाई के दौरान एक मामला विशेष रूप से चर्चा और बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का केंद्र बना। परिवादी सुखदेव साह द्वारा दायर एक परिवाद की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि संबंधित अंचल द्वारा मामले से जुड़ी अपेक्षित और आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। वादे के तथ्यों एवं सूचनाओं के संबंध में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न करने पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसे प्रशासनिक जवाबदेही में बड़ी लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने अंचल अधिकारी (सीओ), निर्मली के विरुद्ध तत्काल 1000 रुपये का अर्थदंड (जुर्बाना) अधिरोपित कर दिया, जिससे अंचल अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।


बिना तैयारी के आने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

बैठक के दौरान लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वाद की सुनवाई में तथ्यों की पूर्ण और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कोई अधिकारी बिना पर्याप्त तैयारी के सुनवाई में उपस्थित होता है या आवश्यक दस्तावेज देने में असफल रहता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लंबित मामलों में शीघ्रता से एक्शन लें और अगली निर्धारित तिथि से पहले हर हाल में अपनी आवश्यक अद्यतन रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपें।


पारदर्शी व्यवस्था के तहत भूमि विवाद और जनहित के मुद्दों पर फोकस

गौरतलब है कि इस सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व संबंधी गंभीर समस्याएं, प्रशासनिक सेवाओं में देरी से जुड़ी शिकायतें तथा अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन मामलों में स्थल निरीक्षण (स्पॉट वेरिफिकेशन) या अतिरिक्त विभागीय जांच की आवश्यकता है, वहां समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए। जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि नागरिकों को अपनी जायज समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी व त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो सके।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट