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सहरसा-सुपौल मार्ग से दानापुर के लिए रात में ट्रेन चलाने की उठी मांग, रेल मंत्री और सांसद से गुहार

जोगबनी–सहरसा और सुपौल रेलखंड के लाखों यात्रियों को राजधानी पटना के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सुपौल रेल संघर्ष समिति के संयोजक पीके अग्रवाल ने रेल मंत्री और स्थानीय सांसद से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है..

सहरसा-सुपौल मार्ग से दानापुर के लिए रात में ट्रेन चलाने की उ

Supaul : जोगबनी–सहरसा रेलखंड के यात्रियों को बेहतर और सुलभ रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सुपौल रेल संघर्ष समिति के संयोजक पवन कुमार अग्रवाल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, सुपौल के स्थानीय सांसद दिलेश्वर कामैत और पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान इस बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकृष्ट कराया है। समिति का कहना है कि क्षेत्र के विकास और यात्रियों की सहूलियत के लिए इस रेलखंड पर नई समय-सारणी के साथ ट्रेनों का परिचालन बेहद जरूरी है।


रात्रिकालीन ट्रेन सेवा से लाखों यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

रेल संघर्ष समिति के संयोजक के अनुसार, जोगबनी से सहरसा और सुपौल होते हुए दानापुर (पटना) तक एक रात्रिकालीन ट्रेन का परिचालन आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। इस रूट पर रात में ट्रेन सेवा शुरू होने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के लाखों यात्रियों को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिलेगी। खासकर उच्च शिक्षा के लिए पटना जाने वाले छात्रों, इलाज के लिए जाने वाले मरीजों, रोजकगार की तलाश में भटक रहे युवाओं और बड़े व्यवसाय से जुड़े हजारों व्यापारियों को इस सीधी सेवा का सीधा लाभ प्राप्त होगा।


बिना अतिरिक्त खर्च के ट्रेन चलाने का दिया व्यावहारिक सुझाव

पवन कुमार अग्रवाल ने रेलवे प्रशासन को इस समस्या से निपटने के लिए बेहद व्यावहारिक और बिना अतिरिक्त खर्च वाला सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जोगबनी से दरभंगा मार्ग होकर चलने वाली एक ट्रेन शाम करीब चार बजे दानापुर पहुंच जाती है। यदि रेलवे इसी खाली पड़े रेक (ट्रेन के डिब्बों) का बुद्धिमानी से उपयोग करे और रात आठ बजे इसे दानापुर से बरौनी–सहरसा मार्ग के रास्ते वापस जोगबनी के लिए रवाना कर दे, तो बिना किसी नई ट्रेन के ही यात्रियों को रात्रिकालीन यात्रा की एक बेहतरीन सौगात मिल सकती है।


समय-सारणी में मामूली बदलाव से दूर हो जाएगी वर्षों पुरानी समस्या

समिति ने इसके विकल्प के तौर पर एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है। उन्होंने सुझाव दिया है कि वर्तमान में जोगबनी से चलकर रात करीब साढ़े नौ बजे सहरसा पहुंचने वाली एक्सप्रेस ट्रेन का विस्तार सीधे दानापुर तक कर दिया जाए। समिति के पदाधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि इस पूरी नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए रेलवे को किसी भी प्रकार के अतिरिक्त कोच या नए रेक के इंतजाम की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके लिए रेलवे को केवल अपनी वर्तमान समय-सारणी में एक उचित और बेहतर समायोजन (एडजस्टमेंट) करना होगा।


यात्रियों को मिलेगी सहूलियत और रेलवे की तिजोरी में भी बढ़ेगा राजस्व

रेल संघर्ष समिति का दृढ़ विश्वास है कि इस रूट पर रात्रिकालीन ट्रेन सेवा बहाल होने से न केवल कोसी-सीमांचल के लोगों की वर्षों पुरानी लंबित मांग पूरी होगी, बल्कि व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी यह बेहद फायदेमंद सौदा साबित होगा। रात के समय ट्रेन चलने से इस रूट पर यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आएगा, जिससे रेलवे को भी राजस्व (कमाई) में उल्लेखनीय और बड़ा मुनाफा होगा। समिति के संयोजक ने रेल मंत्रालय से इस जनकल्याणकारी प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की पुरजोर मांग की है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट