LATEST NEWS

  • बाढ को लेकर मुकेश सहनी ने केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा, कहा-पिछले 50 वर्षों से केवल योजनाएं बनाने की बातें की जा रही हैं
  • बाढ को लेकर मुकेश सहनी ने केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा, कहा-पिछले 50 वर्षों से केवल योजनाएं

  • Bihar News : बेगूसराय में विक्षिप्त नाबालिग से युवक ने की दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • Bihar News : बेगूसराय में विक्षिप्त नाबालिग से युवक ने की दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी को पुलिस ने

  • Patna divisional commissioner paliganj sub division inspection
  • Patna Divisional Commissioner Inspection:मनरेगा भुगतान अटका देख कमिश्नर ने मौके पर ही अधिकारियों की लगाई क्लास

  • गंडक नदी में उफान: खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, वैशाली में प्रशासन अलर्ट
  • गंडक नदी में उफान: खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, वैशाली में प्रशासन अलर्ट

  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया, मैनेजर फरार
  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया,

कर्तव्य और मातृत्व का अनोखा संगम: सुपौल सर्किट हाउस में महिला पुलिस कर्मी के समर्पण को मंत्री ने सराहा

अपने नन्हे बच्चे के साथ ड्यूटी पर मुस्तैद महिला पुलिस कर्मी के देखकर सुपौल के प्रभारी मंत्री भावुक हो गए। मंत्री ने जहां बच्चे को आशीर्वाद दिया, वहीं महिला पुलिसकर्मी को शाबासी दी...

कर्तव्य और मातृत्व का अनोखा संगम: सुपौल सर्किट हाउस में महिल
महिला पुलिस कर्मी के समर्पण को मंत्री ने सराहा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : सुपौल सर्किट हाउस में मंगलवार को गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। यहां एक महिला पुलिस कर्मी ने अपने विभागीय कर्तव्य के साथ-साथ मातृत्व की जिम्मेदारी को एक साथ निभाकर समाज के सामने समर्पण की एक अनूठी मिसाल पेश की। दरअसल, वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात यह महिला पुलिस कर्मी अपने नन्हे बच्चे के साथ कर्तव्य स्थल पर मौजूद थीं। इस दृश्य को जिसने भी देखा, वह महिला पुलिस कर्मी के जज्बे और मातृत्व व कर्तव्य के इस अद्भुत समन्वय की सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाया।


प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बच्चे को दिया आशीर्वाद, महिला कर्मी की थपथपाई पीठ

सर्किट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर लेने के लिए बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के मंत्री सह सुपौल जिले के प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा पहुंचे थे। इस दौरान जैसे ही उनकी नजर ड्यूटी पर मुस्तैद महिला पुलिस कर्मी और उनके छोटे बच्चे पर पड़ी, वे भावुक हो गए। मंत्री ने तुरंत बच्चे के प्रति गहरा स्नेह प्रकट करते हुए उसे अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने महिला पुलिस कर्मी के अनुशासन, कड़ी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर कठिन क्षेत्र में अपनी दोहरी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है।

Diarch GO


वर्दी और वात्सल्य का संतुलन, कार्यस्थल पर बनीं अधिकारियों के लिए प्रेरणा

महिला पुलिस कर्मी ने अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हुए समाज को यह कड़ा संदेश दिया कि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो परिवार और सरकारी नौकरी के बीच संतुलन बनाना नामुमकिन नहीं है। एक तरफ जहां वे खाकी वर्दी पहनकर पूरे अनुशासन के साथ राजकीय प्रोटोकॉल और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही थीं, वहीं दूसरी ओर एक मां के रूप में अपने बच्चे की देखभाल भी कर रही थीं। उनके इस अद्भुत जज्बे और हिम्मत ने वहां उपस्थित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को भी भीतर तक प्रभावित किया।


आधुनिक दौर में कामकाजी महिलाओं के संघर्ष और दोहरी चुनौती का प्रतीक

आज के बदलते दौर में महिलाएं पुलिस, प्रशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य समेत तमाम चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। कई बार महिला कर्मियों को कार्यस्थल (वर्कप्लेस) की कठिन जिम्मेदारियों के साथ-साथ बच्चों के लालन-पालन की घरेलू चुनौती से भी जूझना पड़ता है। सुपौल सर्किट हाउस की यह घटना इसी कड़वी हकीकत और महिलाओं के अदम्य साहस को उजागर करती है। यह दृश्य साबित करता है कि महिला कर्मी केवल अपने विभाग का काम नहीं कर रही हैं, बल्कि वे समाज की आने वाली पीढ़ी के लिए एक सशक्त रोल मॉडल भी बन रही हैं।

NSIT
Nsmch


समाज में बढ़ रहा है सम्मान, हर कामकाजी महिला के हौसले की कहानी

प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा द्वारा महिला पुलिस कर्मी के प्रति दिखाया गया यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि अब समाज और सरकार में महिलाओं के संघर्ष को सही पहचान मिल रही है। मंत्री ने उनके इस प्रयास को सलाम करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सर्किट हाउस का यह भावुक क्षण वहां मौजूद लोगों के दिलों में लंबे समय के लिए अमिट याद बन गया है। यह नजारा सिर्फ एक महिला पुलिस कर्मी की व्यक्तिगत कहानी नहीं है, बल्कि देश की हर उस कामकाजी महिला की प्रेरक तस्वीर है जो देश और परिवार दोनों को एक साथ संभाल रही हैं।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट