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ग्राम स्वराज की ओर बड़ा कदम: बिहार में हर महीने के आखिरी रविवार को मनेगा "पंचायत विकास दिवस", ग्रामीणों की राय से तय होंगी योजनाएं

ग्राम स्वराज की ओर बड़ा कदम: बिहार में हर महीने के आखिरी रवि
बिहार में हर महीने के आखिरी रविवार को मनेगा "पंचायत विकास दिवस"- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार में ग्राम स्वराज की परिकल्पना को पूरी तरह जमीनी स्तर पर उतारने के लिए पंचायती राज विभाग ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में हर महीने "पंचायत विकास दिवस" का आयोजन किया जाएगा। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने इस बाबत सूबे के सभी जिलाधिकारियों (DM) को विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक अनिवार्य रूप से किया जाएगा, ताकि छुट्टी के दिन अधिक से अधिक ग्रामीण इसमें हिस्सा ले सकें।


सांसदों, विधायकों और जीविका दीदियों को भी भेजा जाएगा न्योता

संविधान के 73वें संशोधन के तहत पंचायतों को मिले अधिकारों को मजबूत करने के लिए इस बैठक में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा के सभी सदस्यों (आम ग्रामीणों) को बैठक की सूचना दी ही जाएगी, साथ ही क्षेत्र के स्थानीय लोकसभा सांसद, राज्यसभा सांसद, विधायक (MLA) और विधान परिषद सदस्यों (MLC) को भी इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, गांवों में जमीनी बदलाव लाने वाली जीविका दीदियों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।

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सात दिन पहले डोंडी पिटवाकर होगा प्रचार, मुखिया करेंगे अध्यक्षता

बैठक को पूरी तरह पारदर्शी और सफल बनाने के लिए पंचायत सचिव द्वारा निर्धारित तारीख से ठीक 7 दिन पहले स्थान, समय और एजेंडे का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए पंचायत के मुख्य चौराहों पर नोटिस चिपकाने के साथ-साथ लाउडस्पीकर (ध्वनि विस्तारक यंत्र) से मुनादी कराई जाएगी। वार्ड सदस्य और पंच खुद घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया करेंगे, जबकि उनकी अनुपस्थिति में उप-मुखिया या ग्रामीणों द्वारा सर्वसम्मति से चुना गया कोई सदस्य कमान संभालेगा। पंचायत सचिव इस पूरी बैठक की कार्यवाही का लिखित रिकॉर्ड (मिनट्स) तैयार करेंगे।


पोर्टल का डेटा और खर्च का पाई-पाई का हिसाब ग्रामीणों के सामने रखेगी पंचायत

इस बैठक की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शिता होगी। पंचायत प्रतिनिधियों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और ई-पंचायत पोर्टल पर दर्ज सभी चालू और आगामी योजनाओं का ब्यौरा ग्रामीणों के सामने सार्वजनिक करना होगा। इसके अलावा:

  • पंचायत को केंद्र और राज्य सरकार से कुल कितनी राशि मिली,
  • उसमें से कितना पैसा खर्च हुआ,
  • पिछले महीने की योजनाओं पर कितना व्यय हुआ,
  • और वर्तमान में बैंक खाते में कितनी राशि बची है,

इन सबका पूरा लेखा-जोखा ग्रामीणों को पढ़कर सुनाया जाएगा।

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सतत विकास के 9 विषयों (Themes) पर मंथन और 'मन की बात' का प्रसारण

गांवों के चौमुखी विकास के लिए प्रत्येक माह सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के तहत निर्धारित 9 प्रमुख विषयों (जैसे- जल समृद्ध गांव, स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव आदि) में से किसी एक थीम पर विस्तृत चर्चा होगी। यह चर्चा पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) के आधार पर होगी, जिससे यह पता चलेगा कि पंचायत किस क्षेत्र में पिछड़ रही है। ग्रामीणों को प्रेरित करने के लिए देश की अव्वल और पुरस्कृत पंचायतों के विकास कार्यों के वीडियो दिखाए जाएंगे। साथ ही, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" के सीधे प्रसारण (Live Telecast) की व्यवस्था भी की जाएगी।


लापरवाही बरतने वाले जनप्रतिनिधियों और अफसरों पर गिरेगी गाज

इस व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त है। बैठक के तुरंत बाद उसकी फोटो, वीडियो और कार्यवाही की रिपोर्ट को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। ब्लॉक पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) और जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) को इसकी निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। यदि किसी भी पंचायत में इस बैठक का आयोजन नहीं होता है, तो 2 दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी जाएगी, जिसके बाद जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी या निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ सीधे कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट