Sitamarhi private hospital: जच्चा-बच्चा की मौत पर हरकत में आया प्रशासन! DM के आदेश पर निजी अस्पताल सील, दलालों की भूमिका जांच के घेरे में
Sitamarhi private hospital: सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद डीएम रिची पांडेय के निर्देश पर अस्पताल सील कर दिया गया। जानिए पूरा मामला और जांच की कार्रवाई।

Sitamarhi private hospital: सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल में जच्चा बच्चा मौत मामले में डीएम रिची पांडेय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कारवाई की है। सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार के निर्देश पर डुमरा पीएचसी प्रभारी सह जांच अधिकारी डॉ. अक्षय कुमार शनिवार को सदर अस्पताल के पश्चिमी गेट के समीप चल रहे सिम्स हॉस्पिटल पहुंचे। जहां जांच करते हुए अधिकारी ने हॉस्पिटल को पूरी तरह से शील कर दिया।
इधर शनिवार (21 जून 2025) की देर शाम सदर एसडीओ भी मामले की जांच को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने मरीज को रेफर किए जाने और अस्पताल की सरकारी संपत्ति विलचेयर पर दलालों की तरफ से मरीज को बाहर के निजी अस्पताल में ले जाने की जांच की है। इस दौरान संचालक और जांच पदाधिकारी के बीच क्लीनिक शील को लेकर जमकर तू तू मैं मैं हुई।
जांच में पहुंचे अधिकारी
हालांकि जांच में पहुंचे अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन की एक न सुनी और क्लीनिक को शील करते हुए सबूत को पेश करने को कहा। जांच अधिकारी ने प्रबंधन को स्पष्ट रूप में बताया कि मिल रही शिकायत और वरीय अधिकारियों के निर्देश पर क्लीनिक में पाई जाने वाली अनियमितताओं को लेकर इसे शील किया गया है। इस दौरान जांच टीम में पहुंचे कर्मियों ने क्लीनिक के चिकित्सक कक्ष से लेकर इमरजेंसी, एनआईसीयू व वार्डो में रखे सामनों का एक लिस्ट बना पूरी तरह से क्लीनिक को शील कर दिया।
निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया
बता दें की गुरुवार (19 जून 2025) की शाम मेहसौल निवासी मो. यूनिस मियां की पत्नी शाहिदा खातून को सदर अस्पताल के इमरजेंसी में लाया गया। जहां से उसे प्रसव वार्ड में ट्रांसफर किया। जहां कुछ स्थानीय दलालों ने परिजनों को बहला-फुसला कर सदर अस्पताल से रेफर कर बगल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डीएम रिची पांडेय ने की कार्रवाई
दलाल अस्पताल के विल चेयर पर ही प्रसव पीड़िता शाहिदा खातून को उठा बाहर ले गए, जहां बाहर में महिला की मौत हो गई। मामला डीएम रिची पांडेय के संज्ञान में पहुंचा, जिसपर तत्काल कारवाई करते हुए डीएम ने सदर एसडीओ, एसीएमओ, उपाधीक्षक और डुमरा पीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए अलग अलग टीम का गठन किया गया।
सीतामढ़ी से अविनाश कुमार की रिपोर्ट

















