LATEST NEWS

  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के बाद पंचायत समिति पति हिरासत मे
  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के

  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर
  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर

  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे मदद,  मानवीय पहल की लोग कर रहे सराहना
  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे

  • DM Kumar Gaurav Balances Navratri Duty and Devotion
  • Bihar News:मुजफ्फरपुर में सुरक्षा की कमान भी, मां की भक्ति भी, DM कुमार गौरव ने परिवार संग मां

  • Patna Ravan Dahan
  • Patna Ravan Dahan:पटना में रावण दहन से पहले हाई अलर्ट, गांधी मैदान में हो रही सघन जांच

अपने निजी आवास पर 3 लाख रुपये घूस ले रहे थे सदर अंचल अधिकारी, निगरानी की टीम ने दबोचा

Bihar Crime : सरकार की भ्रष्टाचार पर जोरो टॉलरेंस की नीति के बावजूद घूसखोरी का धंधा थमने का नाम नही ले रहा है। प्रदेश के सासाराम जिले में आज लगातार दूसरे दिन एक सरकारी अधिकारी और उसके कर्मचारी को निगरानी की टीम ने घूसत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है

अपने निजी आवास पर 3 लाख रुपये घूस ले रहे थे सदर अंचल अधिकारी
घूस लेते अचंलाधिकारी गिरफ्तार- फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस टीम) ने आज एक और बड़ी और धमाकेदार कार्रवाई की है। सासाराम के सदर अंचल अधिकारी (CO) आकाश कुमार रौनियार को निगरानी की टीम ने उनके निजी आवास से 3 लाख रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि अंचल अधिकारी किसी आम जनता से नहीं, बल्कि अपने ही विभाग के एक राजस्व कर्मचारी (हल्का कर्मचारी) राकेश कुमार से घूस ले रहे थे। इस कार्रवाई के दौरान निगरानी की टीम ने सीओ के एक निजी सहयोगी (बिचौलिए) सोनू कुमार को भी मौके से गिरफ्तार किया है।


निजी आवास पर पहली किस्त के रूप में 3 लाख कैश लेते ही दबोचे गए साहब

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला सासाराम अंचल क्षेत्र के अंतर्गत एक विवादित जमीन के 'परिमार्जन' (ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधार) करने से जुड़ा हुआ था। आरोप है कि इस काम को करने के बदले अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार अपने ही अधीन कार्यरत राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार के माध्यम से 11 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग कर रहे थे। काफी मान-मनौव्वल और सौदेबाजी के बाद मामला आखिरकार 6 लाख रुपये पर तय हुआ। रिश्वत की इसी रकम की पहली किस्त के रूप में आज जैसे ही राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार 3 लाख रुपये नकद लेकर सीओ के निजी आवास पर पहुंचे, वहां भ्रष्टाचार का यह खेल बेनकाब हो गया।


पैसे पकड़ते ही पहले से जाल बिछाकर मुस्तैद बैठी विजिलेंस टीम ने दोनों को दबोचा

योजना के मुताबिक, अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार की मौजूदगी में उनके निजी कर्मी सोनू कुमार ने जैसे ही राजस्व कर्मचारी से 3 लाख रुपये कैश अपने हाथ में लिए, वैसे ही वहां सादे लिबास में पहले से घेराबंदी कर मुस्तैद खड़ी निगरानी विभाग की धावादल टीम ने दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घूस के रुपए जब्त कर लिए और दोनों आरोपियों के हाथ धुलवाए, जिससे रिश्वत के लेन-देन की ऑन-स्पॉट पुष्टि हो गई। दिनदहाड़े अंचल अधिकारी के आवास पर हुई इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से पूरे प्रशासनिक महकमे और ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया है।


भ्रष्टाचार के इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य कड़ियों को भी खंगाल रही है पुलिस

मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि सासाराम सदर सीओ आकाश कुमार रौनियार और उनके निजी स्टाफ सोनू कुमार को 3 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथ (रेड हैंडेड) गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। पकड़े गए अंचल अधिकारी और उनके कर्मी को जल्द ही पटना स्थित विशेष निगरानी अदालत (विजिलेंस कोर्ट) में पेश किया जाएगा। निगरानी की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं।


रोहतास जिले में लगातार दूसरे दिन निगरानी की बड़ी रेड, घूसखोर अफसरों में खौफ

NSIT
Nsmch

रोहतास जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की यह लगातार दूसरी बड़ी कामयाबी है (इससे पहले कल ही सासाराम सिविल सर्जन कार्यालय का एक क्लर्क भी 20 हजार रुपये लेते पकड़ा गया था)। दो दिनों के भीतर बैक-टू-बैक हुई इन दो बड़ी गिरफ्तारियों से जिले के तमाम विभागों के घूसखोर अधिकारियों और दलालों के बीच भारी खौफ का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निगरानी की इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा है कि अंचल कार्यालयों में बिना पैसे के कोई काम न होने की शिकायतें अब इस तरह की छापेमारी से ही दूर हो सकेंगी।

रंजन की रिपोर्ट