Bihar News: खून के बाद जहर का कहर, सासाराम में पति की हत्या का सदमा, मां ने मासूमों के साथ उठाया खौफनाक कदम

Bihar News: सासाराम मे क़त्ल के गम ने पूरे खानदान को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया।

Bihar News:  खून के बाद जहर का कहर, सासाराम में पति की हत्या
शौहर के क़त्ल का सदमा- फोटो : SOCIAL MEDIA

Bihar News: सासाराम से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां क़त्ल के गम ने पूरे खानदान को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुरादाबाद में शौहर की बेरहमी से हत्या के बाद सदमे में डूबी बीवी ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि सुनकर रूह कांप जाए। रेशमा खातून ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ जहर खा लियाऔर अब तीनों ज़िंदगी और मौत के दरमियान जंग लड़ रहे हैं।

मामला उस खूनी वारदात से जुड़ा है, जिसने 24 मार्च को पूरे इलाके को दहला दिया था। दिनदहाड़े हसन रजा खान को सड़क पर घसीट-घसीट कर, तालिबानी अंदाज़ में पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया था। इस वारदात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मगर हैरत की बात ये कि अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। यही बेबसी और इंसाफ की देरी इस परिवार पर कहर बनकर टूटी।

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पति के क़त्ल के बाद से ही रेशमा खातून गहरे सदमे और डिप्रेशन में थी। घर में सन्नाटा, आंखों में आंसू और दिल में बदले या इंसाफ की अधूरी चाह इन्हीं हालातों के बीच उसने यह खौफनाक फैसला लिया। बताया जा रहा है कि उसने जिंक सल्फाइड जैसा ज़हरीला केमिकल खुद खाया और दूध में मिलाकर अपनी 4 साल की बेटी तैयवा और डेढ़ साल के बेटे हमजद को भी पिला दिया।

जब काफी देर तक कमरे में कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों को शक हुआ। दरवाजा खोलकर देखा गया तो तीनों बेसुध हालत में पड़े थे। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने उन्हें सासाराम के राज कॉलोनी स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। लेकिन हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने तीनों को वाराणसी रेफर कर दिया, जहां उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। इलाज कर रहे डॉक्टर चितरंजन सिंह के मुताबिक, यह जहर बेहद खतरनाक होता है और आमतौर पर अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी थोड़ी सी मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है।

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इस पूरी घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। एक तरफ शौहर का बेरहम क़त्ल, दूसरी तरफ बीवी और मासूम बच्चों की जिंदगी पर मंडराता खतरायह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर सवाल है जहां इंसाफ की देरी लोगों को मौत का रास्ता चुनने पर मजबूर कर देती है। अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है क्या इस परिवार को इंसाफ मिलेगा, या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?

रिपोर्ट- रंजन कुमार