राजद एक ध्वस्त पार्टी, नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी से भाग रहे तेजस्वी : उपेंद्र कुशवाहा

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। कुशवाहा ने राजद में भारी भगदड़ मचने का दावा करते हुए इसके लिए सीधे तौर पर तेजस्वी यादव को जिम्मेवार बताया है....

राजद एक ध्वस्त पार्टी, नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी से भाग र
उपेंद्र कुशवाहा का राजद पर तीखा हमला- फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : बीते गुरुवार को राजद को एक बड़ा झटका लगा। पार्टी के मुखर प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने राजद का साथ छोड़ने का एलान कर दिया। मृत्युंजय तिवारी के राजद के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद प्रदेश का राजनीति चरम पर और पार्टियां राजद पर निशाना साध रही है। इसी कड़ी में   राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्रीय जनता दल पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। सासाराम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने राजद को अंदरूनी तौर पर बेहद कमजोर बताया। कुशवाहा ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल में इस समय भारी भगदड़ मची हुई है और पार्टी पूरी तरह से एक ध्वस्त संगठन का रूप ले चुकी है। उन्होंने संगठन की इस बदहाली के लिए सीधे तौर पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।


चुनावी माहौल के बीच नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल

उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के वर्तमान राजनीतिक और चुनावी परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में इस वक्त चुनाव का माहौल बना हुआ है, लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण समय में भी नेता प्रतिपक्ष (तेजस्वी यादव) गायब हैं। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में जनता की आवाज उठाना उनका कर्तव्य है, लेकिन वे अपनी इस भूमिका से पूरी तरह विमुख नजर आ रहे हैं। इस अनुपस्थिति ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता दोनों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।

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व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जनता के प्रति जवाबदेही का अंतर

नेताओं के विदेश दौरों और अज्ञात ठिकानों पर रहने पर तंज कसते हुए कुशवाहा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष इस समय देश में हैं, विदेश में हैं या फिर कहीं और, इसकी जानकारी बिहार की जनता को बिल्कुल नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कहीं भी आना-जाना किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है, और वे इस पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। लेकिन, जब आप इतने बड़े संवैधानिक और सार्वजनिक पद पर होते हैं, तो जनता के प्रति आपकी एक बड़ी जवाबदेही भी बनती है।


जनता के दुख-दर्द से दूरी और 'गायब रहनेकी आदत

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कुशवाहा ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष का हमेशा गायब रहना अब एक आदत बन चुकी है। उन्हें बिहार की जनता के दुख-दर्द, उनकी समस्याओं और मुद्दों से कोई सरोकार नहीं रह गया है। सरकार की कमियों को उजागर करने और जनता की आवाज को मजबूती देने के बजाय वे हमेशा सीन से नदारद रहते हैं। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण राज्य की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।


पार्टी में मची भगदड़ का असली कारण

अंत में उपेंद्र कुशवाहा ने निष्कर्ष देते हुए कहा कि शीर्ष नेता के इस रवैये और जनता के मुद्दों से दूरी बनाने के कारण ही आज राष्ट्रीय जनता दल के भीतर घोर हताशा है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपना भविष्य अंधकारमय दिख रहा है, जिसके चलते राजद में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई है। जब मुख्य नेता ही मैदान छोड़कर गायब रहेगा, तो पार्टी का बिखरना तय है।


रंजन कुमार की रिपोर्ट