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अबू धाबी से ताबूत में लौटा सारण का लाल, बहन की शादी-परिवार के सपनों का सहारा बना विवेक हमेशा के लिए बिछड़ा

Bihar News: जिस बेटे के विदेश से लौटने का इंतजार एक परिवार बड़ी उम्मीदों के साथ कर रहा था, वही बेटा करीब दो महीने बाद ताबूत में घर पहुंचा।...

Abu Dhabi Returns Son Coffin Saran Family Devastated
अबू धाबी से ताबूत में लौटा सारण का लाल- फोटो : reporter

Saran: जिस बेटे के विदेश से लौटने का इंतजार एक परिवार बड़ी उम्मीदों के साथ कर रहा था, वही बेटा करीब दो महीने बाद ताबूत में घर पहुंचा। सारण जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र के बरेजा गांव में शुक्रवार का दिन मातम में बदल गया, जब अबू धाबी से विवेक ठाकुर का पार्थिव शरीर अपने गांव पहुंचा।

एंबुलेंस से जैसे ही विवेक का शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। मां लीलावती कुंवर बेटे का शव देखकर बेसुध हो गईं। बहन प्रियंका कुमारी और भाई अजीत कुमार ठाकुर का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार की हालत देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। बड़ी संख्या में लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

परिजनों के मुताबिक, विवेक ठाकुर के पिता अमर ठाकुर का निधन करीब 15 वर्ष पहले हो गया था। पिता के जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी विवेक के कंधों पर आ गई थी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को संभालने और बहन प्रियंका की शादी की जिम्मेदारी पूरी करने के लिए विवेक ने विदेश जाने का फैसला लिया था।एक एजेंट के माध्यम से वह संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी स्थित एनपीसी नाइट्रोजन कंपनी में कारपेंटर का काम करने गया था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में मेहनत कर विवेक घर की आर्थिक स्थिति सुधार देगा और अपनों के सपने पूरे करेगा।

लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ समय पहले विवेक अचानक लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद कंपनी परिसर के पास उसका शव बरामद किया गया। शव की पहचान करने में करीब 15 दिन लग गए। इसके बाद भारतीय दूतावास और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में लगभग दो महीने का समय लग गया।

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शुक्रवार देर शाम जब विवेक का शव गांव पहुंचा तो बरेजा गांव में सन्नाटा छा गया। अंतिम दर्शन के दौरान हर किसी की आंखें नम थीं। ग्रामीणों के बीच सिर्फ यही चर्चा थी कि जो युवक परिवार की खुशहाली और बहन की शादी के सपने लेकर विदेश गया था, वह अब कभी वापस नहीं आएगा।परिजनों ने नम आंखों से विवेक को अंतिम विदाई दी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। गांव के लोग शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं और हर कोई विवेक के परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत देने की कोशिश कर रहा है।

सारण से धर्मेंद्र की रिपोर्ट