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Bihar News: सहरसा में राशन घोटाला, डीलर डाल रहा गरीबों के हक पर डाका, चावल और मिलावट के खेल की खुली पोल

Bihar News: सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंडखाद्य एवं आपूर्ति दुकान के डीलर दीनबंधु प्रसाद गुप्ता पर गंभीर आरोप लगे हैं। ..

Saharsa Ration scam
सड़ा चावल और मिलावट का खेल- फोटो : reporter

Bihar News: सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के हाटी पंचायत अंतर्गत बराही में खाद्य एवं आपूर्ति दुकान के डीलर दीनबंधु प्रसाद गुप्ता (डीलर नंबर 121400201291) पर गंभीर आरोप लगे हैं। हजारों राशन कार्ड धारकों को अनाज वितरण करने वाले इस डीलर की मनमानी और भ्रष्टाचार की कहानी अब जनता के सामने आ चुकी है।  डीलर के काले कारनामों को उजागर किया है, जिसमें सड़ा हुआ चावल और गंदगी मिलाकर लाभुकों को वितरित करने का सबूत सामने आया है। इस घोटाले ने न केवल स्थानीय लोगों को आक्रोशित किया है, बल्कि बिहार सरकार और खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

बराही में डीलर दीनबंधु प्रसाद गुप्ता की दुकान पर लाभुकों ने सड़ा हुआ चावल और मिलावटी अनाज वितरण का आरोप लगाया है। एक वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि डीलर द्वारा वितरित चावल में गंदगी और सड़ा हुआ चावल मिलाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अनाज DAP खाद के बोरे में रखा जा रहा है, जो सरकारी अनाज के भंडारण के लिए पूरी तरह अनुचित है। विशेषज्ञों के अनुसार, खाद के बोरे में अनाज रखने से न केवल अनाज की गुणवत्ता खराब होती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है।

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लाभुकों ने आरोप लगाया कि डीलर हर यूनिट पर एक किलोग्राम अनाज काट लेता है और इसके बदले रिश्वत की मांग करता है। एक लाभुक ने बताया, "हमारे राशन कार्ड पर पूरा अनाज मिलना चाहिए, लेकिन डीलर आधा किलो से एक किलो तक अनाज काट लेता है। जब हम विरोध करते हैं, तो वह धमकाने लगता है।" इस मनमानी ने हजारों गरीब परिवारों को उनके हक से वंचित कर दिया है।

डीलर का बेशर्म बयान: "जो करना है, कर लो!"

News4Nation के पत्रकार से बातचीत में डीलर दीनबंधु प्रसाद गुप्ता ने बेशर्मी से अपने कृत्यों को स्वीकार किया। कॉल रिकॉर्डिंग में डीलर कहता है, "सड़ा हुआ चावल मिलाकर करबे करेंगे। जो करना है, करिए, हमको कोई फर्क नहीं पड़ता।" इतना ही नहीं, उसने यह भी कबूल किया कि वह हर यूनिट पर आधा किलोग्राम चावल काटता है। डीलर की इस बेपरवाह और अहंकारी रवैये ने लाभुकों के बीच गुस्सा और आक्रोश को और बढ़ा दिया है।

लाभुकों का आक्रोश: वायरल वीडियो बना हथियार

जब लाभुकों ने चावल में मिलावट को देखा, तो उन्होंने तुरंत इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। हजारों राशन कार्ड धारकों ने डीलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक लाभुक ने कहा, "हम गरीब लोग राशन के भरोसे हैं, लेकिन डीलर हमें सड़ा हुआ चावल खाने को मजबूर कर रहा है। क्या सरकार को हमारी परवाह नहीं है?"

खाद्य आपूर्ति विभाग और अधिकारियों पर सवाल

इस घोटाले ने नवहट्टा प्रखंड के विकास पदाधिकारी  और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। आखिर क्यों इन भ्रष्ट डीलरों की दुकानों पर नियमित जांच नहीं की जाती? लाभुकों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत के कारण डीलर बेखौफ होकर मनमानी कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "अगर समय-समय पर दुकानों की जांच होती, तो आज यह स्थिति नहीं होती। अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं।"

मंत्री लेशी सिंह और बिहार सरकार पर दाग

बिहार सरकार की खाद्य आपूर्ति मंत्री श्रीमती लेशी सिंह बार-बार दावा करती हैं कि राशन वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा रही है। लेकिन बराही जैसे मामले उनकी इन बातों की पोल खोल रहे हैं। डीलर दीनबंधु प्रसाद गुप्ता जैसे भ्रष्ट लोग न केवल गरीबों के हक को लूट रहे हैं, बल्कि सरकार की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या मंत्री लेशी सिंह इस मामले में संज्ञान लेंगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगी?

बराही में राशन डीलर दीनबंधु प्रसाद गुप्ता का यह घोटाला केवल एक डीलर की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सिस्टम की नाकामी को दर्शाता है जो गरीबों को उनके हक का अनाज देने में विफल रहा है। सड़ा हुआ चावल, मिलावट, और रिश्वतखोरी का यह खेल हजारों परिवारों के लिए संकट बन गया है। अब समय है कि सरकार और प्रशासन इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करे, ताकि गरीबों के हक पर डालने वालों को सबक सिखाया जा सके।

रिपोर्ट-  दिवाकर कुमार दिनकर