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PM Modi Purnia: विधानसभा चुनाव से पहले पूर्णिया में पीएम मोदी से मिले पप्पू यादव! राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की उठी सुगबुगाहट

PM Modi Purnia: पूर्णिया एयरपोर्ट कार्यक्रम में पीएम मोदी और पप्पू यादव की मुलाकात ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस से नाराज़ पप्पू यादव का रुख अब किस ओर होगा, यह बड़ा सवाल है।

PM Modi Purnia
पीएम मोदी पप्पू यादव मुलाकात- फोटो : social media

PM Modi Purnia: पूर्णिया एयरपोर्ट की सौगात के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सांसद पप्पू यादव आमने-सामने आए। शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने पप्पू यादव की ओर देखा और उनका अभिवादन किया। दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का स्वागत किया और करीब बीस से पैंतीस सेकेंड तक बातचीत की। इस दौरान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी मौजूद थे। उनकी मुस्कान से साफ झलक रहा था कि यह छोटी मुलाकात राजनीतिक तौर पर बड़ी अहमियत रखती है।

पप्पू यादव की खुशी और जश्न

इस मुलाकात और पूर्णिया को एयरपोर्ट की सौगात मिलने पर पप्पू यादव ने अपने अंदाज में खुशी जताई। उन्होंने खीर बांटकर जश्न मनाया और कहा कि यह खुशी पूर्णिया की जनता के लिए है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इसे सिर्फ विकास का जश्न नहीं माना जा रहा, बल्कि भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस से उपेक्षा और नाराज़गी

पप्पू यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में किया था। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें पूर्णिया से टिकट नहीं दिया। आरजेडी ने वहां से अपना उम्मीदवार उतार दिया, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की। इसके बावजूद कांग्रेस के मंच पर उन्हें कई बार उपेक्षा झेलनी पड़ी। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई और उनकी बस में भी पप्पू यादव को चढ़ने से मना कर दिया गया।

पीएम मोदी से मुलाकात के मायने

पप्पू यादव लंबे समय से खुद को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का सिपाही बताते रहे हैं। लेकिन कांग्रेस से लगातार दूरी और अब प्रधानमंत्री मोदी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पप्पू यादव अब एनडीए या भाजपा की ओर झुक सकते हैं? क्या कांग्रेस से उपेक्षा ने उन्हें नए राजनीतिक विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है? या फिर यह केवल एक औपचारिक शिष्टाचार भर था?

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बदलते समीकरणों में अहम भूमिका

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की मौजूदा परिस्थितियों में पप्पू यादव जैसे कद्दावर नेता का रुख बदलना कई समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। उनकी लोकप्रियता और जनाधार को देखते हुए यह मुलाकात आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नए बदलावों का संकेत दे सकती है।