LATEST NEWS

  • Panchayats Audit Ordered
  • Bihar Panchayati Raj :बिहार में पंचायतों के लिए नई नियमावली, पटना जिला पंचायत राज कार्यालय की वित्तीय गड़बड़ियों

  • Complaint Filed against Prashant Kishor
  • प्रशांत किशोर की बढ़ीं मुश्किलें! साइबर थाने में शिकायत, CM सम्राट चौधरी को गोली मारने के बयान में

  • FSSAI Notices HUL Nestle Over Food Claims
  • Food safety: हॉर्लिक्स से नेस्कैफे तक पर FSSAI का शिकंजा, कंपनी वाले करते हैं फर्जी दावा! किडनी

  • Nitish Kumar on Maha Ashtami
  • 20 साल से नहीं टूटी नीतीश कुमार की परंपरा, महाअष्टमी पर फिर पहुंचे पटना के इस मंदिर

  • Siwan Fake Cops Dupe
  • Bihar crime: खाकी का खौफ दिखाकर ठगी, नकली पुलिसवालों ने पिता-पुत्र से उड़ाए एक लाख रुपये, CCTV में

मुंगेर यूनिवर्सिटी में रिजल्ट पर बवाल,पैसे नहीं दिए तो कम नंबर के आरोप से परीक्षा विभाग में हंगामा

Bihar Education News :मुंगेर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में स्नातक सेमेस्टर-2 के छात्रों की शिकायत ने ऐसा बखेड़ा खड़ा कर दिया कि परीक्षा नियंत्रक के सामने ही विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।..

मुंगेर यूनिवर्सिटी में रिजल्ट पर बवाल,पैसे नहीं दिए तो कम नं
मुंगेर यूनिवर्सिटी में रिजल्ट पर बवाल- फोटो : reporter

Bihar Education News :मुंगेर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में स्नातक सेमेस्टर-2 के छात्रों की शिकायत ने ऐसा बखेड़ा खड़ा कर दिया कि परीक्षा नियंत्रक के सामने ही विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दर्जनों छात्र अपने रिजल्ट से जुड़ी समस्याएं लेकर परीक्षा विभाग पहुंचे थे। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि आंतरिक परीक्षा में पैसे नहीं देने वाले छात्रों को जानबूझकर कम अंक दिए गए, जिसका सीधा असर उनके सेमेस्टर-2 के परिणाम पर पड़ा।

छात्रों का आरोप है कि कई कॉलेजों में आंतरिक परीक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से कथित तौर पर पैसे की मांग की जाती है। उनका दावा है कि जो छात्र पैसे देने से इनकार करते हैं, उन्हें आंतरिक परीक्षा में कम अंक दिए जाते हैं या उन्हें फेल कर दिया जाता है। विद्यार्थियों का कहना है कि इसी कथित खेल के कारण बड़ी संख्या में छात्रों का रिजल्ट खराब हुआ है और उनके शैक्षणिक भविष्य पर असर पड़ रहा है।

अपनी शिकायत लेकर छात्र विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग पहुंचे। छात्र नेता श्रवण कुमार के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने संबंधित कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित तौर पर पैसे मांगने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की मांग की।

मामला उस वक्त गरमा गया जब विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक प्रो. दशरथ प्रजापति के सामने अपनी शिकायत रखी। परीक्षा नियंत्रक की ओर से मामले को कुलपति के समक्ष रखने की बात कही गई। छात्रों को तत्काल कार्रवाई की उम्मीद थी, लेकिन जब उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए कुलपति से चर्चा का भरोसा दिया गया तो वे नाराज हो गए। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक और छात्रों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

NSIT
Nsmch

बढ़ते हंगामे के बीच छात्रों ने अपनी मांग पर जोर बनाए रखा। दबाव बढ़ने के बाद परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति से बातचीत की और संबंधित कॉलेज से पूरे मामले की जानकारी मांगने की प्रक्रिया शुरू की गई। इससे फिलहाल विवाद को शांत कराने की कोशिश हुई।

अब पूरा मामला विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच के दायरे में है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में आंतरिक परीक्षा के अंक देने में पैसों का कोई खेल हुआ या छात्रों के आरोपों के पीछे कोई अन्य वजह है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कॉलेजों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठेंगे और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग और तेज हो सकती है।

वहीं, छात्रों के लिए यह सिर्फ नंबरों का विवाद नहीं है। आंतरिक परीक्षा के अंक सीधे सेमेस्टर रिजल्ट को प्रभावित करते हैं। ऐसे में यदि किसी छात्र को अनुचित तरीके से कम अंक मिले हैं तो उसका असर आगे की पढ़ाई, परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक रिकॉर्ड पर पड़ सकता है।फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेज से जानकारी मांगी है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और छात्रों द्वारा लगाए गए ‘पैसे नहीं दिए तो कम नंबर’ के आरोपों की सच्चाई सामने आती है या नहीं।

रिपोर्ट- अंकित कुमार