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Political News: मोतिहारी में कई योजनाओं ने तोड़ा दम ! समाधान यात्रा के दौरान बना गोबर्धन गैस प्लांट कबाड़ में हुआ तब्दील

नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।वहीं समाधान यात्रा के दौरान गोबर्धन गैस प्लांट एक वर्ष में ही विफल हो गया है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी यह प्लांट केवल गोबर में तब्दील हो गया है।

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मनरेगा योजना अब बनी लूट का साधन! - फोटो : reporter

Political News: मुख्यमंत्री की समाधान यात्रा के दौरान  गोबर्धन गैस प्लांट एक वर्ष में ही विफल हो गया है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी यह प्लांट केवल गोबर में तब्दील हो गया है। मुख्यमंत्री की गोबर गैस प्लांट योजना अब केवल एक मजाक बनकर रह गई है। समाधान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में विधायक ने इसका उद्घाटन किया था। एक साल के भीतर ही यह योजना दम तोड़ चुकी है, जो मुख्यमंत्री के विकास कार्यों का उपहास कर रही है।एक ओर जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार भ्रमण पर है और वे पूरे बिहार के अलग अलग क्षेत्रों में घूम घूम कर बिकास योजनाओं की जानकारी व नए नए बिकास के कार्य को शुरू करने जा रहे है लेकिन मुख्यमंत्री के द्वारा किये गए कई ऐसे कार्य है जो अपनी बदहाली पर आँशु बहाने को मजबूर है.  नीतीश कुमार ने भले ही इन योजनाओं को शुरू करवाकर जनता को सुपुर्द कर दिया वही उनकी कई योजनाएं अब दम तोड़ती नज़र आ रही है.

इसी कड़ी में हम आज आपको मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटित व जनता को विकास के सब्जबाज दिखलाने वाले एक योजना की आज जमीनी हकीकत दिखलाने जा रहे है जिसे देखकर आप सुसाशन की सरकार की जमीनी हकीकत से रु ब रु हो जाएंगे. जी हां आज हम आपको पूर्वी चंपारण जिले में पिछले वर्ष यानी वर्ष 2023 उद्घाटित गोबर गैस प्लांट योजना के बारे में बतलाने जा रहे है जिसमे आप देख सकते है कि कैसे उनकी योजना दम तोड़ रही है और लोगो को बेवकूफ बना रही है. इस योजना को लेकर बड़े ही तामझाम किया गया था ओर जनता को कई तरह के सपने दिखलाया गया था. दरअसल हम बात कर रहे है 15 फरवरी 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा कोटवा प्रखंड के मच्चरगावां स्थित गोबर गैस प्लांट की जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री के कर कमलों के द्वारा उन्होंने वर्चुअल माध्यम से बंजरिया प्रखंड के सिसवा से वर्चुअल माध्यम से किया गया था लेकिन आज ये योजना खुद गोबर बनकर रह गई है. जी हां लोहिया स्वच्छ मिशन के तहत जिये के कोटवा प्रखंड के मच्चरगावां में बड़े ही तामझाम से इस योजना की शुरुवात लगभग 50 लाख की लागत से की गई थी जिसका वर्चुअल उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले वर्ष की अपनी यात्रा के दौरान किया था और जनता को इसको लेकर कई तरह से स्वप्न दिखलाया गया था >

लेकिन आज ये योजना महज एक साल के भीतर ही दम तोड़ चुकी है. और नीतीश के विकास कार्य को मुंह चिढ़ा रही है. इसकी जमीनी हकीकत ये है कि आज ये प्लांट पुरी तरह से बंद हो चुकी है ,यहां का जेनरेटर व अन्य सामान कबाड़ में तब्दील हो चुका है और यहां के ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रही है. वही मनरेगा योजना से सीएम की दिखाने के लिए  कचरा अपविष्ट प्रस्सनकरण सहित पोखरे का जीर्णोद्धार व चारों तरफ जल जीवन हरियाली के लिए पौधरोपण करवाया था लेकिन यहां की सारी योजनाएं भ्रष्टाचार का भेट चढ़ते हुए धूल फांक रही है ।जिला में मनरेगा योजना की धरातलीय स्थिति कुछ अलग ही बया कर रही है।सीएम को दिखाने के लिए पूरी तामझाम के साथ कार्य होता है ।लेकिन उनके जाने के साथ ही धरातलीय स्थिति कुछ अलग ही बया करती है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार