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BIhar Health News: नाम बड़े और दर्शन छोटे! सुशासन में स्वास्थ्य की हालत खराब, 39 प्रतिशत प्राथमिक स्वास्थ केंद्र 1 कर्मचारी के भरोसे..कैसे होगा इलाज..

बिहार में 39 प्रतिशत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (एपीएचसी) केवल एक एएनएम के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। राज्य में कुल 1258 एपीएचसी हैं, जिनमें से 487 एपीएचसी में केवल एक एएनएम की नियुक्ति की गई है।

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नाम बड़े और दर्शन छोटे!- फोटो : Social Media

BIhar Health News: स्वास्थ्य विभाग की स्थिति संतोषजनक नहीं है। अनेक दावों के बावजूद, विभाग इन अस्पतालों में समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में असफल रहा है। बिहार में 39 प्रतिशत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (एपीएचसी) केवल एक एएनएम के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। वहीं, 49 प्रतिशत एपीएचसी में दो एएनएम की नियुक्ति की गई है, जो मिलकर अस्पताल का संचालन कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है।

बिहार में 39 प्रतिशत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (एपीएचसी) केवल एक एएनएम के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। राज्य में कुल 1258 एपीएचसी हैं, जिनमें से 487 एपीएचसी में केवल एक एएनएम की नियुक्ति की गई है। जब एएनएम उपस्थित होती है, तब अस्पताल खुलता है और मरीजों का आना शुरू होता है। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और प्रारंभिक उपचार की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। यदि किसी कारणवश एएनएम एपीएचसी में नहीं पहुंचती, तो अस्पताल बंद रहता है। स्वास्थ्य विभाग अब तक इन अस्पतालों में पूर्ण उपचार की व्यवस्था नहीं कर सका है।

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 वहीं, 49 प्रतिशत एपीएचसी में दो एएनएम तैनात हैं, जो मिलकर अस्पताल का संचालन कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में इन तथ्यों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 458 एपीएचसी में मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति नहीं की गई है, जबकि राज्य के 1258 एपीएचसी में से केवल 800 एपीएचसी में ही मेडिकल ऑफिसर तैनात हैं।