LATEST NEWS

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

  •  credit card
  • credit card: दिवाली पर HDFC, SBI, ICICI और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर छूट,

  • Kylie jenner
  • Kylie jenner: 4410 हीरे और 1,000 घंटे की मेहनत, जानें काइली जेनर की फैंटेसी ब्रा की खासियत

  • IT companies hiring
  • IT companies hiring: IT सेक्टर में लौटी भर्ती की रफ्तार, 5 बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

  • Patna Traffic Plan
  • Patna Traffic Plan: पटना ट्रैफिक अलर्ट: सुबह 5 बजे से कई मार्ग बंद, वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी

Bihar News: सीवान में दशहरा पंडाल में लगी आग, 6 युवक झुलसे, दो की हालत बेहद गंभीर, पटना के अस्पतालों में उमड़ी मरीजों की भीड़

Bihar News: हादसों के बाद घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। वहीं, त्योहार के बाद अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बना हुआ है।

Bihar News: सीवान में दशहरा पंडाल में लगी आग, 6 युवक झुलसे,
दशहरा के बाद पटना के अस्पतालों में बढ़ा मरीजों का दबाव- फोटो : social Media

Bihar News: सीवान जिले के रसूलपुर में दशहरा पंडाल में आग लगने से छह युवक झुलस गए। सभी घायलों को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। इनमें दो मरीजों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। दोनों के शरीर का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जल गया है। अन्य घायलों के चेहरे भी झुलसे हैं। मरीजों की उम्र 12 से 20 साल के बीच बताई गई है। गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी का इलाज अलग वार्ड में किया जा रहा है।पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार, सीवान से आए घायलों में दो की हालत विशेष रूप से चिंताजनक है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के पहुंचने से पहले ही इलाज की व्यवस्था कर ली थी, ताकि गंभीर रूप से झुलसे युवकों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

आतिशबाजी के धुएं से सांस और आंखों पर असर

डॉक्टरों के मुताबिक, मौसम में बदलाव और बढ़ते प्रदूषण के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, दशहरा के दौरान आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं सांस संबंधी परेशानी पैदा कर सकता है। इससे खासकर अस्थमा के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को दिक्कत हो सकती है। धुएं के संपर्क में आने से आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत भी हो सकती है।चिकित्सकों ने लोगों को खानपान में सावधानी बरतने, साफ पानी पीने और प्रदूषण वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। सांस लेने में गंभीर परेशानी, लगातार उल्टी-दस्त या तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

चार बड़े अस्पतालों में तैयार रखे गए थे 85 बेड और 38 वेंटिलेटर

दशहरा के दौरान संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स को अलर्ट पर रखा गया था। चार बड़े सरकारी अस्पतालों में 85 बेड और 38 वेंटिलेटर तैयार रखे गए थे। इसके साथ ही डॉक्टरों, दवाओं, सर्जिकल सामग्री और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।सीवान के रसूलपुर में आग की घटना और दशहरा समारोह के दौरान हुए अन्य हादसों के बाद घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। वहीं, त्योहार के बाद अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में समय पर इलाज, सतर्कता और आपातकालीन व्यवस्थाएं मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

दशहरा के बाद पटना के अस्पतालों में बढ़ा मरीजों का दबाव

दशहरा मेला समाप्त होने के बाद राजधानी पटना के बड़े अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। त्योहार के दौरान भीड़भाड़, सड़क हादसों और मारपीट की घटनाओं में घायल हुए लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अलावा खानपान में लापरवाही के कारण पेट दर्द, उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायतें भी बढ़ी हैं।मौसम में बदलाव के बीच सर्दी-बुखार और वायरल संक्रमण के मरीज भी अस्पतालों की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पटना के तीन बड़े अस्पतालों की ओपीडी में कुल 8,169 मरीज इलाज कराने पहुंचे। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।

NSIT
Nsmch

मसौढ़ी में रावणवध के दौरान चार महिलाएं घायल

दशहरा समारोह के दौरान भीड़ के बीच हादसे की एक और घटना मसौढ़ी में सामने आई। रावणवध कार्यक्रम के दौरान भीड़ में गिरने से चार महिलाएं घायल हो गईं। इनमें से दो महिलाओं को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। भीड़भाड़ वाले आयोजनों में हुई इन घटनाओं ने सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।