Bihar Politics : बांकीपुर विधायक के रूप में कल शपथ लेंगे प्रशांत किशोर, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार दिलाएंगे पद एवं गोपनीयता की शपथ

Bihar Politics : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर विधायक के तौर पर कल यानी सोमवार को शपथ लेंगे। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार विधानसभा में ही शपथ दिलवाएंगे.....पढ़िए आगे

Bihar Politics : बांकीपुर विधायक के रूप में कल शपथ लेंगे प्र
शपथ ग्रहण कल - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर सोमवार को बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण करेंगे। पटना स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित होने वाले समारोह में बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।  

बांकीपुर उपचुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत

ल्लेखनीय है कि जन सुराज पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ते हुए प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की है। इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को पराजित किया। इस जीत के साथ ही बांकीपुर सीट पर पिछले कई दशकों से चले आ रहे बीजेपी के दबदबे पर भी विराम लग गया है।  

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नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी सीट  

बांकीपुर विधानसभा सीट पूर्व विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। नितिन नवीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद वे राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इसके पश्चात संवैधानिक नियमों के तहत उन्हें बांकीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा देना पड़ा था, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।  

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आए थे नतीजे

निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार इस सीट पर बीते 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जबकि मतों की गणना 3 अगस्त को पूरी की गई थी। चुनाव में प्रशांत किशोर ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी सहित कुल 23 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।  

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राजनीतिक हलकों में नया समीकरण बनने की चर्चा  

प्रशांत किशोर के पहली बार बतौर विधायक शपथ लेने को बिहार की राजनीति में एक नए घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। जन सुराज पार्टी की ओर से यह विधानसभा में पहला प्रतिनिधित्व होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत और शपथ ग्रहण के बाद राज्य में राजनीतिक और चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं और तेज हो सकती हैं।