LATEST NEWS

  • बिहार में दुर्गा पूजा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम: इस वर्ष स्थापित होंगी करीब 16 हजार 800 प्रतिमाएं, पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट
  • बिहार में दुर्गा पूजा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम: इस वर्ष स्थापित होंगी करीब 16 हजार 800 प्रतिमाएं,

  • Bihar News : मुंगेर के ऐतिहासिक किला क्षेत्र की जल्द बदलेगी तस्वीर, आधुनिक सुविधाओं और रोशनी से जगमगाएगा इलाका
  • Bihar News : मुंगेर के ऐतिहासिक किला क्षेत्र की जल्द बदलेगी तस्वीर, आधुनिक सुविधाओं और रोशनी से जगमगाएगा

  • केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय बैठक में शामिल हुए कृषि मंत्री विजय सिन्हा, बिहार में 'खेत बचाओ अभियान' की उपलब्धियों को किया साझा
  • केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय बैठक में शामिल हुए कृषि मंत्री विजय सिन्हा, बिहार में

  • Bihar News : मुंगेर पुलिस ने अलग अलग ब्रांड के सिगरेट के 22,500 खाली डिब्बे किया जब्त, मौके से दो लोगों को किया गिरफ्तार
  • Bihar News : मुंगेर पुलिस ने अलग अलग ब्रांड के सिगरेट के 22,500 खाली डिब्बे किया जब्त, मौके

  • Barh Flag March Durga Puja
  • Durga Puja 2026: बाढ़ में SDM और SDPO के नेतृत्व में निकला फ्लैग मार्च, शहर के पूजा पंडालों

Bihar News : बिहार में मोती पालन से बढ़ेगी किसानों की कमाई, राज्य के 89 मत्स्य पालक ले रहे प्रशिक्षण, जानिए कितना मिलेगा अनुदान

Bihar News : राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि करने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा मोती पालन (Pearl Farming) को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

Bihar News : बिहार में मोती पालन से बढ़ेगी किसानों की कमाई,
किसानों की बढ़ेगी आय - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार मोती पालन को बढ़ावा दे रही है। मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत इच्छुक किसानों को मोती पालन का प्रशिक्षण देने के साथ इकाई लागत पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इससे राज्य के किसान मछली पालन के साथ मोती उत्पादन कर डबल कमाई कर सकेंगे। इसी कड़ी में शेखपुरा, छपरा, बांका और सहरसा जिलों के कुल 89 प्रशिक्षणार्थियों को मोती पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छह दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 अक्टूबर से शुरू है। मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन के मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को मोती उत्पादन की तकनीक से लेकर उसकी व्यावहारिक प्रक्रिया तक की जानकारी दी जा रही है।

सीप में प्रत्यारोपण से लेकर सर्जरी तक का प्रशिक्षण 

प्रशिक्षण के दौरान सीप की विभिन्न प्रजातियों, उनमें न्यूक्लियस प्रत्यारोपण तथा सर्जरी की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों को तकनीक की व्यावहारिक जानकारी देने के लिए अनुभवी मोती उत्पादकों की भी मदद ली जा रही है। बक्सर के मोती उत्पादक किसान श्री धनजी कुशवाहा ने प्रशिक्षणार्थियों को मोती पालन की तकनीक का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। वे कई वर्षों से मोती पालन कर रहे हैं और विभिन्न जिलों में किसानों को मोती पालन का प्रशिक्षण देते रहे हैं। वहीं, संयुक्त मत्स्य निदेशक (प्रशिक्षण एवं प्रसार) श्री दिलीप कुमार सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान मोती उत्पादन के लिए उपयोगी सीप की प्रजातियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार केंद्र, मीठापुर के व्याख्याता और कनीय व्याख्याता भी उपस्थित रहे।

मोती पालन पर मिलेगा 60 प्रतिशत अनुदान 

राज्य सरकार की मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी जिलों में लागू की गई है। इसका उद्देश्य देशी मछलियों की प्रजातियों का संरक्षण एवं संवर्द्धन करने के साथ मत्स्य उत्पादन बढ़ाना और किसानों की वार्षिक आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत माइनर कार्प, कैटफिश, वायुश्वासी मछली, झींगा और मोती पालन जैसे विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

लागत का निर्धारण

इस योजना के तहत मोती पालन की आधा एकड़ इकाई के लिए 2.246 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। निर्धारित इकाई लागत के आधार पर लाभार्थी को अधिकतम 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। शेष राशि का वहन लाभार्थी को स्वयं या बैंक ऋण के माध्यम से करना होगा।

NSIT
Nsmch