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Bihar News : जब्ती के एक साल बाद भी जांच के लिए फोरेंसिक लैब नहीं पहुंचा चरस, पटना हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस को लगाई फटकार, दो आरोपियों को किया बरी

Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने पुलिस की सुस्ती और लचर कार्यशैली पर कड़ी फटकार लगाते हुए एनडीपीएस (NDPS) कानून से जुड़े एक गंभीर मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया है.....पढ़िए आगे

Bihar News : जब्ती के एक साल बाद भी जांच के लिए फोरेंसिक लैब
बिहार पुलिस को फटकार - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने पुलिस की सुस्ती पर लगाई फटकार लगाते हुए आरोपी को बरी कर दिया। एनडीपीएस कानून के तहत मामला चाहे कितना भी गंभीर क्यों न हो, अगर पुलिस जांच और प्रक्रिया में ढिलाई बरतेगी, तो कोर्ट से राहत नहीं मिलेगी। पटना हाईकोर्ट ने ऐसा ही एक मामला निपटाते हुए दो आरोपियों को बरी कर दिया।

इस  मामलें में पुलिस ने दो युवकों को भारी मात्रा में 'चरस' के साथ पकड़ने का दावा किया था। मामला नारकोटिक्स से जुड़ा था, इसलिए जेल जाना लगभग तय था। लेकिन ट्विस्ट तब आया जब केस के सबूतों और फॉरेंसिक लैब (FSL) की रिपोर्ट के समय का हिसाब मांगा गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान ये तथ्य सामने आया कि जब्त किया गया कथित चरस का सैंपल फॉरेंसिक लैब पहुँचने में पूरा 1 साल लग गया। सबसे बड़ी बात यह थी कि इस 1 साल के दौरान वह सैंपल कहाँ था, किसके पास था और किस हालत में रखा गया था, पुलिस इसका कोई ठोस जवाब ही नहीं दे पाई।  

जस्टिस संदीप कुमार की एकलपीठ ने कहा कि जब तक 'चैन ऑफ कस्टडी' (कब्जे की पूरी कड़ी) स्पष्ट न हो, तब तक किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। 1 साल तक सैंपल कहाँ गायब रहा, इसका कोई हिसाब न होने के कारण हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को तुरंत बरी करने का आदेश दे दिया।  

पुलिस की एक साल लंबी सुस्ती ने आरोपियों के लिए रिहाई का दरवाजा खोल दिया। कोर्ट ने साफ कह दिया कि कागजी दावों से नहीं, पुख्ता सबूतों से केस जीता जाता है। कोर्ट ने इस आधार पर इन दोनों आरोपियों को राहत देते हुए बरी करने का आदेश दिया।

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