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Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव प्रचार थमा, कल मतदान, 150 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला

Bihar MLC Election 2026:चुनाव में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मतदान होना है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

Bihar MLC Election 2026
150 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला- फोटो : X

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए बुधवार शाम चार बजे प्रचार का शोर थम गया। अब शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जिसमें 5,32,847 मतदाता 150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद सभी उम्मीदवारों की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी रहेंगी, जब चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।

चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला

इस चुनाव में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मतदान होना है। इनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 90 उम्मीदवार, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 60 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।

सभी आठ सीटों पर मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवारों को जनसुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। खास बात यह है कि सभी सीटों पर निवर्तमान प्रतिनिधि भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में कई निर्वाचन क्षेत्रों में कांटे की टक्कर होने के आसार हैं।

राजद और कांग्रेस के बीच भी कई सीटों पर मुकाबला

इस चुनाव में महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। राजद ने छह सीटों पर, जबकि कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसके चलते कई निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों दलों के प्रत्याशी एक-दूसरे के सामने हैं।पटना शिक्षक और स्नातक सीटों के अलावा कोसी तथा दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राजद और कांग्रेस के उम्मीदवारों का मुकाबला एनडीए प्रत्याशियों से है। सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीट पर कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारा है, जबकि दरभंगा और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद ने प्रत्याशी नहीं दिया है। वहीं, जनसुराज और निर्दलीय उम्मीदवार भी कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बना रहे हैं।

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मतदान की तैयारियों के बीच बूथों की संख्या को लेकर उपलब्ध जानकारी में अंतर सामने आया है। शुरुआती विवरण में 933 पोलिंग बूथों का उल्लेख है, जबकि विस्तृत चुनावी जानकारी में 993 बूथों पर मतदान होने की बात कही गई है। इसलिए मतदान केंद्रों की अंतिम संख्या की पुष्टि आधिकारिक चुनावी सूचना से करना जरूरी है।

चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदान दलों को संबंधित केंद्रों पर रवाना करने की तैयारी की गई है। चुनाव क्षेत्रों में प्रेक्षक तैनात किए गए हैं। पटना में निर्वाची पदाधिकारी सह प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने बांकीपुर गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित वज्रगृह सह मतगणना केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और अन्य जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया गया। मतगणना केंद्र पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जानी है।

EVM नहीं, बैलेट पेपर से होगा मतदान

विधानसभा और लोकसभा चुनाव से अलग, विधान परिषद के इन चुनावों में मतदान ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से होगा। मतदाता को अपने पसंदीदा उम्मीदवार के नाम के सामने प्राथमिकता क्रमांक लिखना होगा। सबसे पसंदीदा उम्मीदवार के सामने ‘1’ लिखना अनिवार्य है। इसके बाद मतदाता चाहे तो दूसरे उम्मीदवार के सामने ‘2’ और तीसरे उम्मीदवार के सामने ‘3’ भी लिख सकता है।

मतदान के दौरान सही तरीके से प्राथमिकता दर्ज करना बेहद जरूरी है, ताकि मतपत्र अमान्य होने की आशंका न रहे। अब प्रचार खत्म होने के बाद उम्मीदवारों की नजरें मतदाताओं को अपने पक्ष में करने और मतदान प्रतिशत बढ़ने पर टिकी हैं। 23 अक्टूबर की वोटिंग और 27 अक्टूबर की मतगणना तय करेगी कि विधान परिषद की इन आठ सीटों पर किस दल और उम्मीदवार का दबदबा कायम रहता है।