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Bihar News: सदर अस्पताल में आग , शॉर्ट सर्किट के बाद ऑक्सीजन बंद होने से महिला की जान गई, परिजनों ने लगया गंभीर आरोप

Bihar News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।....

Sadar Hospital Fire After Short Circuit Oxygen Halted Woman
सदर अस्पताल में आग से महिला की जान गई- फोटो : reporter

Bihar News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नवादा सदर अस्पताल से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने अस्पताल की व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद एक महिला मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

मृतका की पहचान करीब 45 वर्षीय ममता कुमारी के रूप में हुई है, जो आसमा गांव निवासी राजेश सिंह की पत्नी थीं। बताया जा रहा है कि ममता कुमारी को खांसी और हल्की तबीयत खराब होने की शिकायत थी, जिसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर आए थे।

परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अचानक अस्पताल में शॉर्ट सर्किट हो गया और आग लग गई। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि इस दौरान बिजली व्यवस्था भी ठप हो गई और अस्पताल का माहौल अंधेरे में डूब गया।

मृतका के भतीजे मौसम सिंह ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आग लगने के बाद डॉक्टरों और स्टाफ की तरफ से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। उनके मुताबिक एक बार डॉक्टर ने मरीज को देखा, लेकिन उसके बाद कोई दोबारा नहीं आया। इसी बीच ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई और अचानक उनकी चाची की हालत बिगड़ गई।

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परिजनों का कहना है कि अगर समय पर डॉक्टर और अस्पताल कर्मी ध्यान देते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे मदद की गुहार लगा रहे थे, तब उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं था।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों ने अस्पताल की अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के समय तो सभी नेता वोट मांगने पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल जैसी बुनियादी व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते।

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है क्या अस्पताल में बिजली जाने की स्थिति में कोई वैकल्पिक व्यवस्था थी? क्या मरीजों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? और सबसे बड़ा सवाल यह कि आग लगने के बाद मरीजों की देखभाल के लिए जिम्मेदार लोग आखिर कहां थे?अब सबकी नजर प्रशासन पर है कि इस मामले में सिर्फ जांच की घोषणा होगी या फिर लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर सच में कार्रवाई भी होगी।

रिपोर्ट- अमन कुमार