LATEST NEWS

  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट
  • कोसी नदी के जलस्तर में उफान: बराज से डिस्चार्ज 2.29 लाख क्यूसेक पार, तटीय इलाकों में अलर्ट

  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर की आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
  • Bihar News : भोजपुर में युवक को गोली मारे जाने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर

  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया GMCH रेफर
  • बगहा में बेखौफ अपराधियों का तांडव: उप मुखिया और वार्ड पार्षद को मारी गोली, गंभीर हालत मे बेतिया

  • पटना के मिलर ग्राउंड में ‘कृष्णोत्सव 2026’ का भव्य आगाज, सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन
  • पटना के मिलर ग्राउंड में ‘कृष्णोत्सव 2026’ का भव्य आगाज, सीएम सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन

  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने हत्या के मामले में दिया बड़ा फैसला, सबूतों के अभाव में आरोपी को किया बरी, उम्रकैद की सजा किया रद्द
  • Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने हत्या के मामले में दिया बड़ा फैसला, सबूतों के

Bihar News: नीतीश सरकार के आदेश को मांस-मछली विक्रेताओं ने मानने से किया इनकार, जमकर किया विरोध

Bihar News:

मांस-मछली विक्रेता
मांस-मछली विक्रेता का विरोध - फोटो : reporter

Bihar News: बिहार सरकार ने खुले में मांस मछली की विक्री पर रोक लगा दी है। वहीं अब सरकार के इस फैसले के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है। नवादा में खुले में मांस और मछली की बिक्री पर रोक लगाने के सरकारी फैसले के खिलाफ मछली विक्रेताओं ने विरोध जताया है। विक्रेताओं ने साफ तौर पर कहा है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के वे इस आदेश को नहीं मानेंगे।

सरकार के आदेश का विरोध 

बिहार सरकार द्वारा खुले में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद जिले के सबसे बड़े बाजार पाठ नवादा में मछली विक्रेता संघ ने आपत्ति दर्ज कराई। संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार क्रांति ने कहा कि पूरा संगठन इस फैसले का विरोध करता है और इसे दमनकारी व अव्यवहारिक बताया।

Diarch GO

विक्रेताओं के लिए नई व्यवस्था करे सरकार 

उनका कहना है कि सरकार ने प्रतिबंध तो लगा दिया, लेकिन विक्रेताओं के लिए कोई नई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने बताया कि करीब 30 साल पहले बना मछली शेड अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है और वहां काम करना मुश्किल है। विक्रेताओं की मांग है कि नदी किनारे एक नया और व्यवस्थित शेड बनाया जाए, ताकि वे साफ-सुथरे तरीके से बिक्री कर सकें।

सरकार उठाए ठोस कदम 

उनका कहना है कि जब तक सरकार ठोस व्यवस्था नहीं करती, तब तक वे खुले में ही मछली बेचते रहेंगे। लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों ने भी यही रुख अपनाते हुए कहा कि बेहतर सुविधाएं मिलने तक वे पहले की तरह ही अपना कारोबार जारी रखेंगे। गौरतलब हो कि, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सदन में घोषणा की कि अब खुले में मांस बिक्री की अनुमति नहीं होगी। नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मांस की दुकानों के लिए वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जाएगा।

NSIT
Nsmch

नवादा से अमन की रिपोर्ट