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जिलाधिकारी ने दंपति को सौंपा 7 माह की बच्ची, गोद लेने की प्रक्रिया के बाद पूरा हुआ परिवार

जिलाधिकारी ने दंपति को सौंपा 7 माह की बच्ची, गोद लेने की प्र
डीएम ने दंपत्ति को सौंपा 7 माह की बच्ची- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने मानवीय संवेदनाओं और सरकारी नियमों के संगम का परिचय देते हुए एक सात माह की बालिका को पश्चिम बंगाल से आए एक दंपति को सौंपा। यह सुपुर्दगी 'दत्तक ग्रहण पूर्व पोषण' (Pre-adoption Foster Care) के लिए अस्थायी रूप से की गई है। जिलाधिकारी ने बालिका को दंपति की गोद में सौंपते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह पूरी प्रक्रिया नवादा की दत्तक ग्रहण समिति की अनुशंसा और विधिक प्रावधानों के तहत संपन्न हुई है।

सेंट्रल एडॉप्शन पोर्टल के माध्यम से पूरी हुई विधिक प्रक्रिया 

दत्तक ग्रहण की यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया भारत सरकार के सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA), नई दिल्ली के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई। इस दौरान दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 और किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के कड़े प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया गया। पश्चिम बंगाल के इस दंपति ने लगभग चार वर्षों के लंबे इंतजार और कानूनी औपचारिकताओं के बाद इस बच्ची को अपनाया है। बच्चे को पाकर दंपति की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

नवादा संस्थान की उपलब्धि: अब तक 60 बच्चों को मिला नया घर 

इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रीतेश कुमार ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA), नवादा के माध्यम से 27 अप्रैल, 2026 तक कुल 60 बच्चों का पुनर्वास किया जा चुका है। इसमें से 14 बच्चों को सात समंदर पार अंतरदेशीय (Inter-country) परिवारों को सौंपा गया है, जबकि 46 बच्चों को देश के भीतर ही विभिन्न राज्यों के इच्छुक परिवारों द्वारा अपनाया गया है। यह संस्थान बेसहारा बच्चों को एक सुरक्षित और प्रेमपूर्ण परिवेश दिलाने में निरंतर सक्रिय है।

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पंजीकरण के लिए 'मिशन वात्सल्य' पोर्टल है अनिवार्य 

जिला प्रशासन ने दत्तक ग्रहण के इच्छुक व्यक्तियों के लिए जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है। इच्छुक आवेदक 'मिशन वात्सल्य' पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। वर्तमान में विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान नवादा की वीआईपी कॉलोनी, डीएवी पब्लिक स्कूल के पास संचालित है, जहाँ इच्छुक लोग जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा परिवार के सुख से वंचित न रहे और गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह दलालों से मुक्त हो।

दत्तक ग्रहण के लिए कुछ अनिवार्य दस्तावेजों की सूची भी जारी की गई है, जिनमें पैन कार्ड, पहचान पत्र (जैसे फोटो आईडी), विवाह प्रमाण-पत्र, चिकित्सा फिटनेस प्रमाण-पत्र, पुलिस सत्यापन (PVR) और आय प्रमाण-पत्र मुख्य हैं। 

अधिकारियों की रही मौजूदगी 

इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अमरेंद्र मेहता, संस्थान के प्रबंधक आदर्श निगम और कई अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अवैध रूप से बच्चा गोद लेने के बजाय कानूनी मार्ग अपनाएं ताकि बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे।

अमन सिन्हा की रिपोर्ट