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Bihar Exam Paper Leak 2026: बिहार के नवादा में होमगार्ड भर्ती परीक्षा में बड़ा घोटाला! पेपर लीक और नकल मामले में 5 गिरफ्तार, कई पर केस दर्ज

Bihar Exam Paper Leak 2026: बिहार में भर्ती परीक्षाओं में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। नवादा में होमगार्ड अधीनस्थ लिपिक और सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, नकल और गोपनीयता भंग करने के आरोप में कई लोगों पर केस दर्ज, पांच गिरफ्तार।

Bihar Exam Paper Leak 2026
बिहार भर्ती परीक्षा में बड़ा घोटाला!- फोटो : social media

Bihar Exam Paper Leak 2026: बिहार में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा 10 जून 2026 को आयोजित गृह रक्षा वाहिनी में अधीनस्थ लिपिक पद की भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि परीक्षा केंद्र के अंदर ही सुनियोजित तरीके से प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग की गई और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।

इस मामले में केंद्राधीक्षक सह उच्च माध्यमिक विद्यालय चिटकोली रजौली के शिक्षक गणेश पासवान, उच्च माध्यमिक विद्यालय अकबरपुर के शिक्षक अजय कुमार और वीक्षक अनुष्का रानी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने शिक्षक अजय कुमार को गिरफ्तार भी कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

बिना किसी वैध पहचान पत्र के परीक्षा केंद्र के अंदर घूमा आदमी

प्राथमिकी के अनुसार द दीक्षा पब्लिक स्कूल, केंद्र संख्या 1412 पर तैनात स्टैटिक दंडाधिकारी सह प्रेक्षक ईश्वर प्रसाद ने परीक्षा के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियों को देखा था। परीक्षा शुरू होने से पहले एक बाहरी व्यक्ति बिना किसी वैध पहचान पत्र के परीक्षा केंद्र के अंदर घूमता हुआ पाया गया। पूछताछ में उसने खुद को केंद्राधीक्षक का सहयोगी बताया था। बाद में जब बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना मिली तो परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा के समय एक कमरे से प्रश्न पुस्तिकाएं बाहर ले जाई गई थीं। लगभग 10 मिनट बाद उन्हें वापस उसी कमरे में रख दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल की गईं।

मामले की जांच में तेजी से जुटी पुलिस

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे मामले में शिक्षक अजय कुमार की भूमिका सबसे अधिक संदिग्ध है। वहीं केंद्राधीक्षक गणेश पासवान और वीक्षक अनुष्का रानी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। इसी बीच नवादा जिले में 14 जून 2026 को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और नकल कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है।

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परीक्षा केंद्रों के पास मौजूद एक्टिव गैंग

पुलिस के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास सक्रिय एक गिरोह परीक्षार्थियों तक हल किए गए प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय जानकारियां पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। जांच के दौरान परीक्षा केंद्र परिसर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें कई संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। केंद्राधीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया है कि परीक्षा के दौरान सूचना मिली थी कि कुछ कमरों तक बाहर से चिट-पुर्जे पहुंचाए जा रहे हैं। बाद में परीक्षा केंद्र के पास से फटे हुए चिट-पुर्जे भी बरामद किए गए, जिनमें प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए थे।

मोबाइल फोन की जांच में बड़ा खुलासा

पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें कई परीक्षार्थियों के नाम, रोल नंबर, सेट कोड और परीक्षा से जुड़ी अन्य गोपनीय जानकारी की तस्वीरें मिलीं। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की साजिश रची गई थी। इस मामले में जैमर सेंटर संचालक बिपिन कुमार, बायोमेट्रिक ऑपरेटर रोहित कुमार उर्फ मुरारी, सहयोगी मनीष कुमार, बायोमेट्रिक कर्मी विकास कुमार, कुणाल कुमार और कथित मास्टरमाइंड रोशन कुमार समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है।